लापरवाही : PM श्री स्कूल के पास धंसी जमीन, 800 बच्चों की सुरक्षा पर संकट
अनूपपुर जिले के ग्राम मलगा में PM श्री स्कूल के पास अचानक जमीन धंसने से खतरा बढ़ गया है। SECL बरतराई खदान क्षेत्र में हुई इस घटना से 800 से अधिक बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने भू-वैज्ञानिक सर्वे और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
कीर्तिमान डेस्क
14 Jul 2026, 04:19 PM
मध्य प्रदेश
अनूपपुर जिले से लापरवाही और खतरे की बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण पूर्व कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) कोतमा-जमुना क्षेत्र की बरतराई खदान से लगे ग्राम मलगा में स्थित पीएम श्री स्कूल के पास अचानक जमीन धंस गई। घटना के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल है, क्योंकि इस स्कूल में 800 से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। जमीन धंसने की सूचना मिलते ही बरतराई खदान के प्रबंधक अनिल कुमार यादव और माइनिंग सरदार टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रबंधन ने बताया ‘डेवलपमेंट एरिया’
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए ठोस कार्रवाई करने के बजाय इसे केवल खदान का ‘डेवलपमेंट एरिया’ बताकर टालने की कोशिश की गई। प्रबंधन ने गड्ढे को भरने, फेंसिंग कराने और चेतावनी बोर्ड लगाने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यहां गोफ नहीं बनी है, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि जमीन में बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं, जो खतरे का संकेत हैं।
जमीन धंसने से बना बड़ा गड्ढा
स्कूल भवन पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों के मुताबिक जमीन धंसने वाले स्थान के आसपास कई जगहों पर गहरी दरारें पड़ गई हैं। लोगों को आशंका है कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो इसका असर स्कूल भवन तक पहुंच सकता है। छात्रों, शिक्षकों और ग्रामीणों में इस बात को लेकर भय बना हुआ है कि अचानक हुई भू-धंसाव की घटना भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
पटवारी की गैरमौजूदगी पर सवाल
घटना के बाद राजस्व विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील मामले की जानकारी होने के बावजूद क्षेत्र का हल्का पटवारी काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंचा। पटवारी की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है और लोग तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मलगा गांव और स्कूल परिसर का भू-वैज्ञानिक सर्वे कराया जाना चाहिए, ताकि जमीन धंसने के वास्तविक कारणों का पता चल सके और भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।