Nepal Flood: ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही, 1000 लोगों के बहने की आशंका, यूपी-बिहार में हाई अलर्ट
Nepal Flood: नेपाल-चीन सीमा के पास ग्लेशियर झील फटने से भोटे कोशी नदी में भीषण बाढ़ आ गई। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में भारी तबाही के बीच सैकड़ों लोगों के लापता होने की आशंका है। भारत ने राहत सामग्री भेजने की तैयारी करते हुए सीमावर्ती क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया है।
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कीर्तिमान न्यूज
27 Aug 2026, 08:26 AM
नेपाल
Nepal Flood: बुधवार की सुबह नेपाल के लिए एक भयानक त्रासदी लेकर आई। प्रकृति के इस रौद्र रूप ने चंद पलों में ही सब कुछ तहस-नहस कर दिया। नेपाल और चीन की सीमा के पास एक ग्लेशियर झील (Glacial Lake) के अचानक फटने से ऐसा जलजला आया कि लोगों को संभलने या भागने तक का मौका नहीं मिला। भोटे कोशी नदी में आए इस उफान के कारण रसुवा, नुवाकोट और धादिंग जिलों में भारी तबाही मची है।
लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक
अब तक करीब 1000 लोगों के इस तेज सैलाब में बह जाने की खौफनाक आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन अभी आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि में जुटा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों ने चिंता और बढ़ा दी है। बाढ़ के बाद से कुल 384 यात्री लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 93 नेपाली और 291 विदेशी नागरिक शामिल हैं। सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक भी हैं। इसके अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका के सैलानी भी सूची में शामिल हैं। इस भीषण आपदा के तुरंत बाद भारत और चीन ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
पीएम मोदी ने दिलाया सहायता का भरोसा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बात कर इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। भारत सरकार ने फौरी कार्रवाई करते हुए 30 टन राहत सामग्री—जिसमें कंबल, टेंट और जरूरी दवाएं शामिल हैं—नेपाल भेजने की तैयारी कर ली है। राहत और बचाव के लिए नेपाल सरकार ने 14 हेलीकॉप्टर आसमान में उतारे हैं, लेकिन टिमुरे का स्थानीय हेलीपैड ही बाढ़ में बह जाने से रेस्क्यू टीमों को लैंडिंग में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बाढ़ के बाद का दृश्य पर्यटन बोर्ड ने जारी की हेल्पलाइन नंबर
आपातकालीन स्थिति में अपनों की तलाश में जुटे लोगों के लिए पर्यटन बोर्ड ने हेल्पलाइन नंबर (1234, 1144, और 9851289445) जारी किए हैं। नेपाल में आई इस तबाही का सीधा असर अब भारतीय सीमा पर भी दिखने लगा है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने तुरंत एक्शन लेते हुए भारत-नेपाल सीमा पर अपनी सभी यूनिट्स को हाई अलर्ट पर रखा है। 11 त्वरित बचाव और राहत टीमें (RRT) मोर्चे पर तैनात कर दी गई हैं, जबकि 7 अन्य को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
बिहार के बैराज के सभी फाटक खोलने के निर्देश
गंडक और रोहिन जैसी नदियों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार ने भी कमर कस ली है। बिहार जल संसाधन विभाग ने गंडक बैराज के सभी फाटक खोलने और पानी को नहरों में डाइवर्ट करने का निर्देश दिया है।
इन सीमावर्ती जिलों में सबसे ज्यादा सतर्कता:
उत्तर प्रदेश: महराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर और कुशीनगर।
बिहार: पश्चिमी चंपारण (बगहा और वाल्मीकिनगर), पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी और शिवहर।