Nepal Flash Flood: नेपाल के रसुवा जिले में बुधवार सुबह आए कुदरत के कहर ने पूरे इलाके को तहस-नहस कर दिया है। तिब्बत की तरफ से आई अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) के कारण टिमुरे बाजार और आसपास के इलाकों में जलप्रलय जैसी स्थिति बन गई है। तेज बहाव में कई गाड़ियां, पुल और लोगों के आशियाने तिनके की तरह बह गए। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक करीब 1,000 लोगों के बाढ़ में बहने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। हादसे की खबर मिलते ही नेपाल सरकार हरकत में आ गई है।
28 सुरक्षाकर्मियों से भी टूट संपर्क
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत नेपाली सेना को तैनात करने का निर्देश दिया है। सेना के साथ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी, रेड क्रॉस, मेडिकल टीम और स्थानीय स्काउट्स की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। हालात इस कदर खराब हैं कि रसुवा के स्याफ्रुबेसी और टिमुरे क्षेत्र में तैनात 28 सुरक्षाकर्मियों से भी संपर्क टूट गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, आशंका है कि 19 नेपाल पुलिस और 9 सशस्त्र पुलिस बल (APF) के जवान बाढ़ के प्रचंड बहाव की चपेट में आ गए हैं।
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आवाजाही पर अनिश्चितकाल के लिए लगी रोक
बाढ़ का असर सिर्फ बस्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भोटकोशी और आसपास की नदियों के किनारे चल रही कई बुनियादी ढांचा (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं की साइट्स भी पूरी तरह जलमग्न या बह गई हैं। सड़कों और पुलों के टूटने तथा लगातार गिरते मलबे को देखते हुए काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाली तमाम गाड़ियों की आवाजाही पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है।सहायता और राशन पहुंचाना चुनौतीपूर्ण
रसुवा का भौगोलिक क्षेत्र काफी दुर्गम और पहाड़ी है। अचानक आई बाढ़ के बाद उफनती नदियां और कई जगह हुए भूस्खलन के कारण दूरदराज के इलाकों तक मेडिकल सहायता और राशन पहुंचाना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। प्रशासन फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने के अभियान में जुटा हुआ है।