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Car with fake number plate seized
Car with fake number plate seized
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Traffic Challan: फर्जी नंबर प्लेट का खेल, बेगुनाह कार मालिक के खाते से कटे हजारों रुपए, आरोपी गिरफ्तार

Traffic Challan: दुर्ग में एक युवक दूसरे वाहन का नंबर अपनी कार पर लगाकर करीब एक साल से घूम रहा था। इससे असली वाहन मालिक के नाम पर हजारों रुपए के चालान और टोल कटते रहे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर करीब तीन लाख रुपये की कार जब्त कर ली है।

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प्रकाशित: 26 Aug 2026, 03:04 PM · अपडेट: 02 Oct 2026, 07:04 AM
दुर्ग
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
Traffic Challan: दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में वाहन का फर्जी पंजीयन नंबर इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। रायपुर निवासी एक युवक की कार कहीं गई ही नहीं, लेकिन उसके नंबर पर करीब एक साल तक अलग-अलग स्थानों के ट्रैफिक चालान बनते रहे और टोल की राशि कटती रही। शिकायत के बाद जांच में पुलिस को उसी नंबर प्लेट वाली दूसरी टोयोटा यारिस मिली। पुलिस ने कार जब्त कर आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। 
रायपुर निवासी 26 वर्षीय मोनिश सोनी के नाम पर टोयोटा यारिस कार दुर्ग आरटीओ में CG 07 BZ 5226 नंबर से पंजीकृत है। मोनिश के मोबाइल पर पिछले करीब एक साल से अनजान स्थानों के ट्रैफिक चालान और टोल भुगतान के संदेश आ रहे थे। मोनिश के मुताबिक, उनकी कार ओडिशा तक कभी नहीं गई, इसके बावजूद वहां से भी टोल कटने की जानकारी मिली। इस दौरान उनके वाहन नंबर पर लगभग दो हजार रुपए के चालान बने, जबकि सात से आठ हजार रुपए तक की टोल राशि कट गई। 

लगातार मैसेज आने पर हुआ संदेह

शुरुआत में मोनिश ने इन संदेशों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन लगातार अलग-अलग जगहों से चालान और टोल कटने की सूचना मिलने पर उन्हें नंबर प्लेट के दुरुपयोग का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने 24 अगस्त को मोहन नगर थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। एक ही नंबर की मिलीं दो कारें शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित वाहन की तलाश शुरू की। जांच के दौरान हरी नगर स्थित रजत डोम के पास एक संदिग्ध टोयोटा यारिस खड़ी मिली। कार पर वही CG 07 BZ 5226 नंबर प्लेट लगी थी, जो मोनिश की गाड़ी के नाम पर पंजीकृत है। पुलिस की जांच में संदिग्ध कार हरी नगर निवासी 28 वर्षीय विजय सेन की निकली। आरोप है कि विजय अपनी टोयोटा यारिस पर मोनिश की कार का पंजीयन नंबर लगाकर चला रहा था।

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असली मालिक के खाते में दर्ज होते रहे चालान 

आरोपी की कार जब भी यातायात नियमों का उल्लंघन करती या टोल प्लाजा से गुजरती, उसका पूरा रिकॉर्ड मोनिश के वाहन नंबर से जुड़ जाता था। इस कारण गलती नहीं होने के बावजूद असली वाहन मालिक को हजारों रुपए का आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी उठानी पड़ी। मोहन नगर पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट लगी टोयोटा यारिस को जब्त कर विजय सेन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी जांच के दौरान कार से जुड़े वैध दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। जब्त वाहन की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस अब यह जानकारी जुटा रही है कि आरोपी ने फर्जी नंबर प्लेट लगाकर कार को किन-किन स्थानों पर चलाया था। यह भी जांच की जा रही है कि दूसरे वाहन का नंबर केवल चालान और टोल से बचने के लिए इस्तेमाल किया गया या इसके पीछे कोई अन्य उद्देश्य था।

चार धाराओं के तहत मामला दर्ज

मोनिश की शिकायत पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 600/2026 दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 336(3), 340(2), 345(3) और 347(1) के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया। यह घटना वाहन मालिकों के लिए भी सतर्क रहने का संदेश है। यदि वाहन कहीं गया ही नहीं और उसके नंबर पर किसी दूसरी जगह का चालान या टोल भुगतान दिखाई दे रहा है, तो इसे तकनीकी गलती समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। वाहन मालिक को तत्काल परिवहन विभाग, यातायात पुलिस या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

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