Hindustan Copper OFS: सरकारी कंपनी हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड का ऑफर फॉर सेल (OFS) बुधवार, 26 अगस्त को रिटेल निवेशकों के लिए खुल गया है। इससे पहले नॉन-रिटेल श्रेणी में इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली थी। निवेशकों के उत्साह को देखते हुए सरकार ने पूरा ग्रीन-शू विकल्प इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके तहत कंपनी में अधिकतम 6 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जा सकती है।
ग्रीन-शू विकल्प का इस्तेमाल करेगी सरकार
सरकार ने शुरुआत में हिंदुस्तान कॉपर की 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की पेशकश की थी। अधिक मांग मिलने की स्थिति में अतिरिक्त 3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया था। अब मजबूत प्रतिक्रिया के बाद सरकार ने इस विकल्प का पूरा इस्तेमाल करने का निर्णय लिया है, जिससे कुल बिक्री कंपनी की इक्विटी के 6 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
रिटेल निवेशकों के लिए 10 प्रतिशत शेयर
आरक्षित बेस इश्यू का 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रखा गया है। इस श्रेणी में वे निवेशक आवेदन कर सकते हैं, जिनकी कुल बोली का मूल्य 2 लाख रुपए से अधिक नहीं है। पात्र कर्मचारियों के लिए भी अतिरिक्त 25 हजार शेयर आरक्षित किए गए हैं। जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, कंपनी के 12.78 लाख रिटेल शेयरधारकों के पास कुल 17.79 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
नॉन-रिटेल हिस्सा 3.41 गुना सब्सक्राइब
OFS के पहले दिन संस्थागत निवेशकों ने 8.91 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं, जबकि बेस ऑफर में 2.61 करोड़ शेयर शामिल थे। इस तरह नॉन-रिटेल हिस्सा करीब 3.41 गुना सब्सक्राइब हुआ। OFS का फ्लोर प्राइस 514 रुपए प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों पर बाजार की नजर
हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों पर बाजार की नजर मंगलवार को हिंदुस्तान कॉपर का शेयर 7.45 प्रतिशत गिरकर 531.40 रुपए पर बंद हुआ था। हालांकि, पिछले एक महीने में स्टॉक ने 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की है। OFS का फ्लोर प्राइस बाजार भाव से कम होने के कारण निवेशकों की नजर इस ऑफर पर बनी हुई है। केवल डिस्काउंट के आधार पर निवेश करने के बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और OFS की शर्तों को समझना जरूरी है।
OFS में ऐसे लगा सकते हैं बोली
निवेशक अपने ट्रेडिंग अकाउंट के OFS या कॉर्पोरेट एक्शन सेक्शन में जाकर हिंदुस्तान कॉपर का ऑफर चुन सकते हैं। इसके बाद फ्लोर प्राइस, शेयरों की संख्या और अन्य शर्तें देखकर बोली मूल्य दर्ज करना होगा। बोली 514 रुपए के फ्लोर प्राइस या उससे अधिक पर लगाई जा सकती है। आवेदन से पहले ट्रेडिंग अकाउंट में पर्याप्त राशि होनी चाहिए, क्योंकि स्वीकृत बोली के अनुसार पैसा आवंटन प्रक्रिया पूरी होने तक ब्लॉक रह सकता है।