ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारत के 14 प्रमुख बैंकों पर कवरेज शुरू की है। ब्रोकरेज का मानना है कि बैंकिंग सेक्टर मजबूत कमाई के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। रिपोर्ट में कुछ बैंक शेयरों में 37 प्रतिशत तक तेजी का अनुमान लगाया गया है, जबकि चार बैंकों को ‘Sell’ रेटिंग दी गई है।
प्राइवेट बैंक सरकारी बैंकों से रह सकते हैं आगे
गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, अगले दो वर्षों में प्राइवेट बैंक लोन ग्रोथ, नेट इंटरेस्ट मार्जिन और एसेट क्वालिटी के मामले में सरकारी बैंकों से बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। वित्त वर्ष 2026 से 2029 के दौरान बैंकिंग सिस्टम की लोन ग्रोथ 14 से 15 प्रतिशत रहने का अनुमान है। अगले दो तिमाहियों में निचले स्तर पर पहुंचने के बाद बैंकों के मार्जिन में सुधार होने की संभावना भी जताई गई है।
इन 6 बैंक शेयरों में खरीदारी की सलाह
गोल्डमैन सैक्स ने आईसीआईसीआई बैंक को 1,935 रुपए के लक्ष्य के साथ ‘Buy’ रेटिंग दी है, जिसमें करीब 37 प्रतिशत तेजी का अनुमान है। कोटक महिंद्रा बैंक का लक्ष्य 509 रुपए और संभावित बढ़त 31 प्रतिशत रखी गई है। इसके अलावा एचडीएफसी बैंक के लिए 861 रुपए , एक्सिस बैंक के लिए 1,477 रुपए , फेडरल बैंक के लिए 425 रुपए और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के लिए 1,270 रुपए का लक्ष्य तय किया गया है।इन 4 बैंक शेयरों पर ‘Neutral’ रेटिंग ब्रोकरेज
इंडसइंड बैंक, बंधन बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक पर फिलहाल ‘Neutral’ रुख अपनाया है। एसबीआई के लिए 1,170 रुपए, इंडसइंड बैंक के लिए 1,020 रुपए , बंधन बैंक के लिए 180 रुपए और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के लिए 92 रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन शेयरों में फिलहाल सीमित उतार-चढ़ाव की संभावना जताई गई है। इन 4 बैंक शेयरों से सतर्क रहने की सलाह गोल्डमैन सैक्स ने आरबीएल बैंक, यस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब नेशनल बैंक को ‘Sell’ रेटिंग दी है।
आरबीएल बैंक 285 रुपये 26 प्रतिशत गिरावट
आरबीएल बैंक का लक्ष्य 285 रुपये रखा गया है, जिसमें 26 प्रतिशत तक गिरावट का अनुमान है। यस बैंक के लिए 22 रुपए , बैंक ऑफ बड़ौदा के लिए 245 रुपए और पीएनबी के लिए 103 रुपए का लक्ष्य तय किया गया है। सरकारी बैंकों के मुनाफे पर रह सकता है दबाव रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी बैंकों में क्रेडिट कॉस्ट सामान्य होने और ऑपरेटिंग मार्जिन कमजोर रहने से रिटर्न ऑन एसेट्स की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।मिड-साइज प्राइवेट बैंकों में आई हालिया रिकवरी
मिड-साइज प्राइवेट बैंकों में आई हालिया रिकवरी का असर उनके मौजूदा मूल्यांकन में पहले ही शामिल हो चुका है। इन बैंकों की आगे री-रेटिंग उनके मजबूत रिटर्न ऑन इक्विटी पर निर्भर करेगी। निवेश से पहले जोखिम का आकलन जरूरी ब्रोकरेज की रेटिंग और टारगेट प्राइस बाजार की परिस्थितियों के अनुसार बदल सकते हैं। निवेशकों को कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी रिसर्च करने और जरूरत पड़ने पर प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से राय लेने की सलाह दी जाती है।