शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बिकवाली का दबाव देखने को मिला। सेंसेक्स लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट के साथ कारोबार करता नजर आया, जबकि निफ्टी में लगातार सातवें सत्र में कमजोरी दर्ज की गई। कमजोर बाजार के बीच शुगर कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों का ध्यान खींचा।
शुगर शेयरों में 14 फीसदी तक उछाल
कारोबार के दौरान कई चीनी कंपनियों के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखने को मिली और इनके भाव 14 फीसदी तक चढ़ गए। चीनी की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने और त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की उम्मीद से इस सेक्टर को मजबूती मिल रही है। बेहतर कारोबारी संभावनाओं के कारण निवेशक भी शुगर स्टॉक्स में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े बीएसई पर बजाज हिंदुस्तान, द्वारिकेश शुगर इंडस्ट्रीज और रेणुका शुगर्स के शेयरों में 10 से 14 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।
इन कंपनियों के शेयरों में 2 से 7 फीसदी
बाजार के प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद शुगर सेक्टर का प्रदर्शन मजबूत बना रहा। एक महीने में 51 फीसदी तक रिटर्न अवध शुगर एंड एनर्जी का शेयर इस महीने अब तक करीब 51 फीसदी चढ़ चुका है। उत्तम शुगर, डालमिया भारत शुगर, द्वारिकेश शुगर, धामपुर शुगर, त्रिवेणी इंजीनियरिंग और बजाज हिंदुस्तान के शेयरों में भी इसी अवधि में लगभग 26 से 38 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई है। बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन शुगर कंपनियों के शेयरों ने उस समय मजबूत प्रदर्शन किया हैधामपुर शुगर मिल्स, अवध शुगर एंड एनर्जी उत्तम
शुगर मिल्स और डालमिया भारत शुगर के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। दूसरे शुगर स्टॉक्स में भी खरीदारी त्रिवेणी इंजीनियरिंग एंड इंडस्ट्रीज, ईआईडी पैरी और बलरामपुर चीनी मिल्स के शेयरों में भी निवेशकों ने खरीदारी की।
बेंचमार्क इंडेक्स 1.4% गिरा
सेंसेक्स लगातार चौथे दिन कमजोर रहा, जबकि निफ्टी में गिरावट का सिलसिला सातवें कारोबारी सत्र तक पहुंच गया। चीनी की कीमत बढ़ने से मिलों को राहत बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 2025-26 का शुगर सीजन अनुमान से अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। चीनी का उत्पादन उम्मीद से कम रहने, घरेलू खपत मजबूत बने रहने और इथेनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के बढ़ते उपयोग से बाजार में उपलब्ध भंडार घटा है।मांग और आपूर्ति के अंतर का असर
मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बिगड़ने से घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी आई है। बढ़ती कीमतों से चीनी मिलों की आमदनी और मार्जिन में सुधार की संभावना बनी है। इससे लंबे समय से लागत के दबाव का सामना कर रहे मिल संचालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। नए शुगर सीजन पर निवेशकों की नजर अब बाजार की नजर 2026-27 के शुगर सीजन पर टिकी है। आगामी दिनों में उत्पादन, गन्ने की उपलब्धता और इथेनॉल डायवर्जन से जुड़ी स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है। इन्हीं संकेतों से तय होगा कि शुगर शेयरों में जारी तेजी आगे भी बनी रहती है या नहीं।