Vedanta Stocks: वेदांता ग्रुप की अलग-अलग कंपनियों के वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के बिजनेस अपडेट सामने आने के बाद तस्वीर एक जैसी नहीं है। कुछ कारोबार में उत्पादन और बिक्री ने मजबूत रफ्तार दिखाई है, जबकि ऑयल एंड गैस और आयरन-स्टील जैसे सेगमेंट में चुनौतियां नजर आई हैं। ऐसे में निवेशकों के लिए यह सवाल अहम हो गया है कि लंबी अवधि के नजरिए से वेदांता ग्रुप से जुड़े किन कारोबारों पर नजर रखी जा सकती है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी शेयर का आकलन केवल एक तिमाही के आंकड़ों से नहीं किया जाना चाहिए। उत्पादन में बढ़ोतरी, लागत का फायदा, कच्चे माल की उपलब्धता, बैकवर्ड इंटीग्रेशन, कैश फ्लो और पूंजी पर मिलने वाला रिटर्न जैसे पहलू भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
वेदांता एल्युमीनियम का प्रदर्शन सबसे मजबूत
Q2 FY27 में वेदांता एल्युमीनियम का प्रदर्शन ग्रुप के प्रमुख कारोबारों में सबसे मजबूत रहा। कंपनी ने तिमाही के दौरान 649 KT का रिकॉर्ड एल्युमीनियम उत्पादन दर्ज किया। वहीं, एल्युमिना का उत्पादन सालाना आधार पर 37 फीसदी बढ़कर 895 KT पहुंच गया।कंपनी के वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स के उत्पादन में भी 31 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 432 KT रहा।
डिविडेंड और कैश फ्लो के लिए हिंदुस्तान जिंक पर नजर
अगर निवेशक का फोकस नियमित डिविडेंड, मजबूत कैश जेनरेशन और अपेक्षाकृत डिफेंसिव बिजनेस पर है, तो हिंदुस्तान जिंक एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकता है। सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, वेदांता एल्युमीनियम के बाद हिंदुस्तान जिंक डिविडेंड और डिफेंसिव कंपाउंडिंग के लिहाज से मजबूत स्थिति में दिखाई देता है।
वेदांता पावर की बिक्री में जोरदार बढ़ोतरी
वेदांता पावर ने भी दूसरी तिमाही में मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी की पावर सेल्स सालाना आधार पर 26 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 5,593 मिलियन यूनिट रही। अप्रैल-सितंबर की पहली छमाही में कुल बिक्री 32 फीसदी बढ़कर 10,817 मिलियन यूनिट पहुंच गई। सकती है। वहीं ₹35 के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट मिलने पर मीडियम टर्म में ₹48-50 का स्तर देखने को मिल सकता है।ऑयल एंड गैस कारोबार में उत्पादन घटा
वेदांता के ऑयल एंड गैस कारोबार में दूसरी तिमाही के दौरान दबाव दिखाई दिया। कंपनी का डेली ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन 19 फीसदी घटकर 72.2 kboepd रह गया। मौजूदा फील्ड्स में उत्पादन में गिरावट के बीच नए रिजर्व या बड़ी एक्सप्लोरेशन डिस्कवरी नहीं होने की स्थिति में भविष्य के कैपिटल एक्सपेंडिचर पर मिलने वाला रिटर्न एक चुनौती बन सकता है।
लंबी अवधि के लिए कौन सा वेदांता स्टॉक?
एक्सपर्ट्स की राय को देखें तो अलग-अलग निवेश उद्देश्यों के हिसाब से पसंद भी अलग है। मल्टी-ईयर कैपिटल अप्रिसिएशन को प्राथमिकता देने वाले निवेशकों के लिए सीमा श्रीवास्तव ने वेदांता एल्युमीनियम को बेहतर विकल्प माना है। इसके पीछे कंपनी का बड़ा स्केल और मार्जिन इंटीग्रेशन प्रमुख वजहें हैं।

