Gold Silver Price India: एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट, जानें अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
Gold Silver Price India: भारतीय वायदा बाजार (MCX) में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। सोना 1,200 रुपये से ज्यादा टूटा, जबकि चांदी करीब 3,000 रुपये सस्ती हुई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति और वैश्विक बाजार के दबाव से बुलियन मार्केट प्रभावित हुआ।
Gold Silver Price India: सप्ताह के दूसरे दिन भारतीय वायदा बाजार (MCX) में कीमती धातुओं की कीमतों में जोरदार बिकवाली देखने को मिल रही है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान सोने और चांदी, दोनों ही धातुओं के दाम तेजी से नीचे आए। जहां
सोने में 1,200 रुपए से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, वहीं चांदी भी करीब 3,000 रुपए तक सस्ती हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आ रही तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के रुख का सीधा असर बुलियन मार्केट पर पड़ रहा है।
एमसीएक्स पर क्या हैं सोने-चांदी की ताजा दरें?
सोने का हाल:
एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर की डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,46,804 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज बाजार खुलते ही इसमें नरमी देखी गई और यह 1,46,776 रुपए पर खुला।
शुरुआती ट्रेड में बिकवाली के भारी दबाव के चलते यह 1,266 रुपए टूटकर 1,45,538 रुपए के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, सुबह 11 बजे के करीब इसमें थोड़ा सुधार देखा गया और यह 482 रुपये (0.33%) की गिरावट के साथ 1,46,322 रुपए के आसपास कारोबार करता दिखा।
चांदी में बड़ी सेंध:
चांदी के तेवर भी आज नरम नजर आ रहे हैं। 4 दिसंबर की डिलीवरी वाली चांदी बीते सत्र में 2,27,442 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई थी, जो आज गिरावट के साथ 2,25,945 रुपए पर खुली। शुरुआती घंटों में ही चांदी में 2,942 रुपए की बड़ी गिरावट आई और यह 2,24,500 रुपए तक नीचे आ गई। सुबह 11:10 बजे के आसपास चांदी 2,702 रुपए यानी 1.19 फीसदी की कमजोरी के साथ 2,24,740 रुपए प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का गणित
ग्लोबल मार्केट की बात करें तो सोमवार को सात हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद मंगलवार को हाजिर सोना (Spot Gold) लगभग स्थिर नजर आया। बाजार को अब अमेरिका से आने वाले प्रमुख आर्थिक आंकड़ों का इंतजार है। इसके अलावा, इस बात के भी मजबूत संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक 'फेडरल रिजर्व' फिलहाल ब्याज दरों को ऊंचे स्तरों पर ही बनाए रख सकता है।स्पॉट गोल्ड: 5 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर को छूने के बाद हाजिर सोना लगभग स्थिर होकर $4,123.29 प्रति औंस पर रहा।
यूएस गोल्ड फ्यूचर्स: इसमें 0.3% की नरमी आई और यह $4,155.50 पर कारोबार कर रहा था।
स्पॉट सिल्वर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी भी 0.3% फिसलकर $60.76 प्रति औंस पर आ गई।
आखिर क्यों दबाव में हैं कीमती धातुएं?
सोने और चांदी में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल (Crude Oil) के बढ़ते दाम और वैश्विक ब्याज दरों का ढांचा है:
महंगाई और क्रूड ऑयल: मध्य पूर्व (Mid-East) में तनाव और सप्लाई की दिक्कतों से कच्चे तेल की कीमतें लगातार दूसरे दिन बढ़ी हैं। महंगा तेल अर्थव्यवस्था में उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ाता है, जिससे महंगाई का खतरा गहरा जाता है।
ब्याज दरों का असर: महंगाई पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय बैंक (जैसे अमेरिकी फेड) ब्याज दरों को ऊंचा रखने या बढ़ाने के लिए मजबूर होते हैं।
निवेशकों का रुझान: वैसे तो सोना हमेशा से महंगाई के खिलाफ बचाव (Hedge) माना जाता है, लेकिन जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने की जगह ऐसे सुरक्षित माध्यमों में पैसा लगाना बेहतर समझते हैं जहां से सीधे ब्याज या फिक्स्ड रिटर्न मिलता दिखे। यही वजह है कि ऐसे माहौल में सोने की चमक फीकी पड़ने लगती है।