Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत मजबूती के साथ की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका में सख्त मौद्रिक नीति को लेकर चिंता कम होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। शुरुआती कारोबार में निफ्टी 22,532 के स्तर पर खुला, जबकि सेंसेक्स ने 72,340 के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। बाजार की नजर इस समय भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक पर भी टिकी हुई है।
बैठक की शुरुआत आज से हो रही है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा 7 अक्टूबर को मौद्रिक नीति का ऐलान करेंगे। ब्याज दरों और आगे की नीतिगत दिशा को लेकर होने वाले फैसले का असर बाजार की चाल पर भी देखने को मिल सकता है।
सरकारी बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी
शुरुआती कारोबार में सरकारी बैंकिंग कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी दिखाई दे रही है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 2 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। इसके अलावा एनर्जी, ऑयल एंड गैस, मेटल, कमोडिटी और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
हेल्थकेयर और ऑटो शेयरों पर दबाव
जहां कई सेक्टर में खरीदारी देखने को मिल रही है, वहीं हेल्थकेयर, ऑटो और फार्मा शेयरों में शुरुआती कारोबार के दौरान दबाव नजर आया। इन सेक्टर के कई प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
ये रहे Nifty 50 के टॉप गेनर
Nifty 50 में शुरुआती कारोबार के दौरान बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस, ITC, NTPC और कोल इंडिया बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। इन शेयरों में निवेशकों की खरीदारी का रुझान देखने को मिला।इन शेयरों पर भी रहेगी बाजार की नजर
खबरों और कारोबारी गतिविधियों के लिहाज से सोमवार को मणिपाल पेमेंट, प्रणव कंस्ट्रक्शंस, भारत कोकिंग कोल, HDFC बैंक, DLF, अरबिंदो फार्मा, नैक पैकेजिंग, TCS, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, KPI ग्रीन एनर्जी, ऐसवेक्टर, ओरिएंट केबल्स, रुनवाल एंटरप्राइजेज और जर्मन ग्रीन स्टील जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर रह सकती है।
इन शेयरों में दिखी गिरावट
दूसरी ओर अपोलो हॉस्पिटल्स, इंफोसिस, मैक्स हेल्थकेयर, सिप्ला और HCL टेक्नोलॉजीज शुरुआती कारोबार में दबाव में रहे। इन शेयरों में बिकवाली के कारण कमजोरी देखने को मिली।आगे बाजार की दिशा किन बातों से तय होगी?
बाजार की आगे की चाल में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बाजारों का रुख और RBI की मौद्रिक नीति अहम भूमिका निभा सकते हैं। निवेशक खासतौर पर 7 अक्टूबर को होने वाली RBI MPC की घोषणा और उसके बाद गवर्नर के बयान से मिलने वाले संकेतों पर नजर रखेंगे।

