Onion Price: आने वाले महीनों में प्याज की कीमतों में होने वाली मौसमी बढ़ोतरी को रोकने और बाजार में पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज की सप्लाई शुरू कर दी है। उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार प्याज को 35 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराएगी। इसके लिए मोबाइल वैन और सरकारी-सहकारी खुदरा नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा।
देश में प्याज की कमी नहीं होने का दावा
उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक, आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए देश में पर्याप्त प्याज उपलब्ध रहने की उम्मीद है। वर्ष 2025-26 में प्याज का अनुमानित उत्पादन 307 लाख मीट्रिक टन से अधिक बताया गया है।
अच्छे उत्पादन की संभावना को देखते हुए सरकार ने 2026-27 के दौरान मूल्य स्थिरीकरण कोष के तहत बफर स्टॉक के लिए 2 लाख मीट्रिक टन रबी प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा है। इसकी खरीद 15 मई से शुरू की गई थी। अब तक करीब 1.21 लाख मीट्रिक टन प्याज खरीदा जा चुका है।
₹35 प्रति किलो की दर से मिलेगा प्याज
सरकार बफर स्टॉक में रखे प्याज को चरणबद्ध तरीके से बाजार में उतार रही है। इसका उद्देश्य उन इलाकों में आपूर्ति बढ़ाना है, जहां प्याज की कीमतों पर दबाव दिखाई दे रहा है।मंत्रालय के अनुसार, उपभोक्ताओं को 35 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज बेचा जाएगा। इसके लिए मोबाइल वैन के साथ राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ और राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ के खुदरा आउटलेट का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा सफल और केंद्रीय भंडार के आउटलेट पर भी सस्ती दर पर प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
नासिक से रवाना हुई पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’
प्याज की आपूर्ति तेजी से बढ़ाने के लिए रेलवे के जरिए भी बड़े पैमाने पर प्याज भेजा जा रहा है। पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ नासिक से रवाना हो चुकी है। इसमें करीब 800 मीट्रिक टन प्याज भेजा गया है। मंत्रालय के मुताबिक, यह खेप दिल्ली-NCR पहुंचने के बाद वहां प्याज की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करेगी। इसके साथ ही देश के अन्य प्रमुख खपत केंद्रों तक सड़क मार्ग से भी प्याज की आपूर्ति की जा रही है।
कीमतों पर काबू पाने के लिए बफर स्टॉक का सहारा
आमतौर पर आपूर्ति प्रभावित होने या मांग बढ़ने पर प्याज की खुदरा कीमतों में तेजी देखने को मिलती है। ऐसे समय में सरकार बफर स्टॉक से प्याज बाजार में उतारकर उपलब्धता बढ़ाती है। इस बार भी सरकार का लक्ष्य है कि बाजार में पर्याप्त प्याज पहुंचता रहे और उपभोक्ताओं पर कीमतों का अतिरिक्त बोझ न पड़े।