ऑपरेशन क्लीन : महासमुंद पुलिस ने नशे के नेटवर्क पर किया बड़ा प्रहार, 4 गांजा तस्कर गिरफ्तार
महासमुंद पुलिस और ANTF ने तीन बड़ी कार्रवाइयों में 324.690 किलो गांजा, वाहन और मोबाइल जब्त किए हैं। चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 274 किलो गांजा तस्करी मामले में लंबे समय से फरार मुख्य सहयोगी राकेश गड़सा को हरियाणा से पकड़कर पूरे अंतरराज्यीय सिंडिकेट पर बड़ी चोट की गई।
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कीर्तिमान न्यूज
25 Jul 2026, 07:53 AM
महासमुंद
महासमुंद (छत्तीसगढ़)। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और महासमुंद जिला पुलिस ने नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। गांजा तस्करी के पूरे नेटवर्क—यानी सोर्स प्वाइंट से लेकर डेस्टिनेशन प्वाइंट तक—को ध्वस्त करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने तीन अलग-अलग मामलों में बड़ी सफलता हासिल की है। कार की गुप्त तिजोरी, बाइक की सीट और मूवर्स-पैकर्स के सामान की आड़ में की जा रही तस्करी का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने अंतरराज्यीय सिंडिकेट के मुख्य षड्यंत्रकारी समेत चार तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
324 किलो से अधिक का गांजा जब्त
इन कार्रवाइयों में कुल 324 किलोग्राम से अधिक गांजा, तस्करी में इस्तेमाल गाड़ियां और मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 32 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स से मिले इनपुट और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिले के सीमावर्ती इलाकों में लगातार नाकाबंदी और चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में सिंघोड़ा थाना पुलिस को सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि ओडिशा की ओर से एक महाराष्ट्र पासिंग लग्जरी जेट्टा कार (क्रमांक MH 02 CD 3140) में भारी मात्रा में गांजा लादकर छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है।
पुलिस को कर रहा था गुमराह
सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने एनएच-53 स्थित रेहटीखोल जांच नाका पर नाकाबंदी की। कुछ देर बाद संदिग्ध कार मौके पर पहुंची। चालक को रोककर जब पूछताछ की गई, तो उसने अपना नाम श्रवण यादव (39 वर्ष), निवासी ग्राम अमाव, थाना चैनपुर, जिला कैमूर (बिहार) बताया। गांजे के संबंध में पूछताछ करने पर वह पुलिस को गुमराह करने लगा और गोलमोल जवाब देने लगा।
गांजा को रायपुर खपाने ले जाने का प्लान
जब पुलिस ने कार की गहन तलाशी ली, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। कार की डिक्की के पीछे बेहद शातिराना तरीके से एक अलग चेंबर (गुप्त तिजोरी) बनाया गया था। चेंबर को खोलने पर उसके अंदर से 18 पैकेटों में भरा कुल 37.940 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। आरोपी ने कबूल किया कि वह यह माल मदनपुर (ओडिशा) से लोड करके रायपुर खपाने ले जा रहा था।
जब्त संपत्ति: 37.940 किलो गांजा (कीमत ₹18,97,000), कार (कीमत ₹6,00,000) और एक मोबाइल (कीमत ₹5,000)। कुल जब्त माल: ₹25,02,000।
कार्रवाई: आरोपी के खिलाफ धारा 20(B)(ii)(C) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
जांच नाका पर वाहनों की सघन चेकिंग
दूसरी कार्रवाई थाना कोमाखान क्षेत्र में सामने आई। पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा से एक पुरुष और महिला बाइक पर सवार होकर गांजे की खेप लेकर छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने ग्राम टेमरी जांच नाका पर वाहनों की सघन चेकिंग शुरू की। चेकिंग के दौरान एक काले रंग की हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (क्रमांक CG 04 CH 6549) को रोका गया।
पुलिस की बड़ी कार्रवाईमहिला पर्स के भीतर गांजे का पैकेट
पूछताछ में चालक ने अपना नाम मदन तांडी (45 वर्ष), निवासी कालाहांडी (ओडिशा) और पीछे बैठी महिला ने अपना नाम शांति तांडी (45 वर्ष), निवासी नुआपाड़ा (ओडिशा) बताया। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने बाइक की सीट के नीचे, डिक्की में और महिला के पर्स के भीतर गांजे के पैकेट छिपा रखे हैं। पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी इस माल को कालाहांडी से लाकर बागबाहरा (महासमुंद) में किसी स्थानीय तस्कर को सप्लाई करने वाले थे।
जब्त संपत्ति: 12.750 किलो गांजा (कीमत ₹6,37,500), बाइक (कीमत ₹50,000), 2 मोबाइल (कीमत ₹10,000) और एक लेडीज पर्स (कीमत ₹200)। कुल जब्त माल: ₹6,97,700।
कार्रवाई: थाना कोमाखान में अपराध क्रमांक 108/2026, धारा 20(B)(ii)(C) NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है।
पुलिस को मिली बड़ी सफलता
महासमुंद पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को एक पुरानी और हाई-प्रोफाइल तस्करी के मामले में बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने 274 किलोग्राम गांजा तस्करी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य साजिशकर्ता राकेश गड़सा को हरियाणा से दबोच लिया है। यह मामला 28 फरवरी 2026 का है, जब थाना बसना क्षेत्र के पलसापाली बैरियर पर चेकिंग के दौरान एक ट्रक (अशोक लीलैंड - MP 15 ZL 4455) को रोका गया था। 'विश्वास मूवर्स एंड पैकर्स' के नाम पर पुराने घरेलू सामान के नीचे छिपाकर रखा गया 274 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया था और चालक रोशन यादव को मौके पर गिरफ्तार किया गया था। महासमुंद पुलिस ने इस मामले की गहनता से 'इंड-टू-इंड' (शुरुआत से अंत तक) जांच की, जिसमें एक बड़े हाईटेक सिंडिकेट का खुलासा हुआ:
गांजा सप्लायर की गिरफ्तारी: 12 मार्च 2026 को ओडिशा के सप्लायर राजू महानंद को गिरफ्तार किया गया।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी: 12 मई 2026 को 'विश्वास मूवर्स एंड पैकर्स' के संचालक और मुख्य सरगना अजीत शर्मा उर्फ दीवाना सेठ को गुजरात से गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
मुख्य सहयोगी का राज: जांच में पता चला कि राजस्थान का रहने वाला राकेश गड़सा उर्फ दिलबाग सिंह (29 वर्ष), मुख्य सरगना अजीत शर्मा का सबसे करीबी मददगार था। घटना वाले दिन वह ओडिशा के भवानीपटना में सप्लायर राजू महानंद के ढाबे पर मौजूद था। उसी ने सौदेबाजी की, गांजे को 9 बोरियों में पैक कराया और मूवर्स-पैकर्स के सामान के नीचे लोड करवाने की पूरी साजिश रची थी।
घटना के बाद से आरोपी पुलिस से बचने के लिए अपना पुराना मोबाइल फेंककर बार-बार ठिकाने और पहचान बदलकर फरार चल रहा था। महासमुंद पुलिस और साइबर सेल की टीम ने तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रैक की और हरियाणा में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।