पहाड़ पर आफत : भारी बारिश से NH-10 पर भारी भूस्खलन, थम गईं सिक्किम और दार्जिलिंग की रफ्तार
दार्जिलिंग में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण सेवक क्षेत्र में NH-10 पर बड़ा भूस्खलन हो गया, जिससे सिलीगुड़ी, कालिम्पोंग और सिक्किम का संपर्क घंटों तक बाधित रहा। मलबा हटाने के दौरान मशीन खराब होने से राहत कार्य प्रभावित हुआ, हालांकि शाम करीब 5 बजे ट्रैफिक बहाल कर दिया गया।
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कीर्तिमान न्यूज
27 Jun 2026, 09:46 AM
सिलीगुड़ृी
उत्तर बंगाल और सिक्किम को जोड़ने वाली लाइफलाइन कही जाने वाली नेशनल हाईवे 10 (NH-10) पर गुरुवार तड़के प्रकृति का भारी कहर देखने को मिला। बुधवार रात से दार्जिलिंग के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते सिलीगुड़ी के पास सेवक क्षेत्र में एक बड़ा भूस्खलन (लैंडस्लाइड) हो गया। सेवक काली मंदिर और कोरोनेशन ब्रिज के बीच अचानक पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे भारी मात्रा में मलबे और विशालकाय पत्थरों ने मुख्य मार्ग को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।
इस वजह से सिलीगुड़ी से डुवार्स, कालिम्पोंग और सिक्किम का संपर्क घंटों कटा रहा। यह हादसा ठीक उस समय हुआ है जब पहाड़ों में टूरिस्ट सीजन अपने चरम पर है। रास्ते के दोनों तरफ सैकड़ों गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें रोजमर्रा के यात्री, स्थानीय लोग और बड़ी संख्या में पर्यटक फंसे रहे। जो सैलानी मैदानी इलाकों की तरफ लौट रहे थे या जो सिक्किम-दार्जिलिंग की हसीन वादियों का रुख कर रहे थे, उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
गतिरोध से होगा नुकसान
इस स्थिति ने स्थानीय टूर ऑपरेटरों की भी चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि हजारों की संख्या में पर्यटक इस समय पहाड़ों पर मौजूद हैं और इस तरह के गतिरोध से पूरे सीजन का गणित बिगड़ सकता है। घटना की गंभीरता को देखते हुए नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) की टीमें स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गईं। मलबे को हटाने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू किया गया।
मशीनों ने भी छोड़ा साथ
दोपहर तक करीब आधा रास्ता साफ भी कर लिया गया था और उम्मीद जताई जा रही थी कि जल्द ही ट्रैफिक बहाल हो जाएगा, लेकिन तभी एक बड़ी तकनीकी बाधा आ गई। सड़क के बीचों-बीच गिरे एक विशालकाय पत्थर को तोड़ने में लगी भारी मशीनरी अचानक खराब हो गई। इस तकनीकी खराबी के कारण काम घंटों ठप रहा, जिससे प्रशासन का भूस्खलन से रास्ता जामदोपहर तक रास्ता खोलने का अनुमान फेल हो गया।
बंगाल की नदियां उफान पर
आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब 5 बजे जाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सकी। हालांकि, दोनों तरफ गाड़ियों का इतना लंबा जाम था कि ट्रैफिक को सामान्य करने में पुलिस के पसीने छूट गए। पहाड़ों में लगातार हो रही इस बारिश का असर सिर्फ रास्तों तक सीमित नहीं है। उत्तर बंगाल की तमाम प्रमुख नदियां—तीस्ता, तोर्शा, जलढाका, रायडाक और महानंदा इस समय पूरे उफान पर हैं और इनका जलस्तर डराने वाली रफ्तार से बढ़ रहा है। बाढ़ के खतरे को टालने के लिए गजलडोबा स्थित तीस्ता बैराज और महानंदा बैराज के लॉक गेट समय-समय पर खोलकर पानी रिलीज किया जा रहा है।
पैदल यात्रियों की आवाजाही शुरू
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने तीस्ता नदी के निचले मैदानी इलाकों में रेड अलर्ट जारी कर दिया है और तटीय क्षेत्रों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है। तीस्ता बाजार के निचले हिस्सों में पानी भरने की खबरें हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि बारिश रुकते ही पानी का स्तर नीचे चला जाता है। इन सबके बीच एक राहत भरी खबर भी है। सिलीगुड़ी से दार्जिलिंग को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 110 (NH-110) की मरम्मत का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही दूधिया पुल से पैदल यात्रियों की आवाजाही भी सामान्य रूप से शुरू हो गई है।
प्रशासन की अपील
चूंकि सिक्किम के कई हिस्सों में मौसम और सड़कों के हालात अब भी बेहद नाजुक बने हुए हैं और पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश से दोबारा लैंडस्लाइड का खतरा टला नहीं है, इसलिए प्रशासन ने पर्यटकों और ड्राइवरों से बेहद सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी जरूरी सफर पर निकलने से पहले रास्तों का करंट अपडेट जरूर ले लें और सुरक्षित सफर के लिए जहां तक संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का ही चुनाव करें।