पाकिस्तानी कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। मंगलवार को रावलकोट में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने आम नागरिकों पर अंधाधुंध कार्रवाई की। इस हिंसक झड़प में 6 नागरिकों की मौत हो गई है। मरने वालों में जाहिद मुगल, जफर मुगल, अर्सलान अकबर और वाजिद हयात जैसे लोग शामिल हैं। यह घटना शहर के नए बस टर्मिनल के पास हुई है।
इस्लामाबाद की नीतियों के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी
लंबे समय से इस्लामाबाद की नीतियों के खिलाफ स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय निवासी पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तानी सेना के दमन के खिलाफ खड़े हैं। मंगलवार की घटना ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। इलाके में सुरक्षा बल तैनात हैं, लेकिन लोग सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
व्हाइट हाउस तक पहुंची PoK की पीड़ा
क्षेत्र में बढ़ते मानवीय संकट का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखने लगा है। सोमवार को अमेरिका के वॉशिंगटन में बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए। व्हाइट हाउस के बाहर लगभग 100 प्रदर्शनकारियों ने पाक सेना के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई। इनमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल थे जो अपने घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
नागरिकों की मांग: सेना वापस जाए
प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि पाकिस्तानी सेना नागरिक इलाकों से अपनी मौजूदगी हटा ले। निहत्थे नागरिकों पर घातक बल प्रयोग के आरोपों ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की छवि खराब की है। लोग अब किसी भी कीमत पर आजादी और सम्मान की सुरक्षा चाहते हैं।