छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने ग्राम पंचायत सचिवों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करते हुए नई सेवा शर्तें लागू कर दी हैं। विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार अब पंचायत सचिवों की भर्ती पूरी तरह मेरिट आधारित होगी, जिसमें शैक्षणिक योग्यता, कंप्यूटर दक्षता और कार्य अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी।
विभाग ने इस संबंध में सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। नए नियमों का उद्देश्य पंचायत स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, दक्ष और जवाबदेह बनाना बताया गया है।
12वीं पास और कंप्यूटर डिप्लोमा अनिवार्य
नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायत सचिव पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता हायर सेकेंडरी (12वीं) निर्धारित की गई है। इसके अलावा शासन से मान्यता प्राप्त संस्थान से डेटा एंट्री ऑपरेटर या प्रोग्रामिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा भी अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि पंचायतों में डिजिटल कार्य बढ़ने के कारण कंप्यूटर ज्ञान रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देना जरूरी हो गया है।
ऐसे बनेगी मेरिट सूची
विभागीय आदेश में चयन प्रक्रिया के लिए अंक विभाजन भी तय किया गया है। अभ्यर्थियों की मेरिट सूची कुल प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी।
- हायर सेकेंडरी परीक्षा के अंकों को 50 प्रतिशत वेटेज
- उच्चतर शैक्षणिक योग्यता के लिए 10 अंक
- कंप्यूटर कौशल परीक्षा के लिए 25 प्रतिशत अंक
- रोजगार सहायक के रूप में कार्य अनुभव के लिए 15 अंक
अनुभव के लिए प्रत्येक वर्ष 3 अंक दिए जाएंगे, जबकि अधिकतम 5 वर्षों तक का अनुभव मान्य होगा।

पुराने आदेश निरस्त
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2008, 2015, 2017 और 2025 में जारी पूर्व दिशा-निर्देशों को निरस्त करते हुए अब नई व्यवस्था लागू की जाएगी। सभी ग्राम पंचायतों में सचिवों की नियुक्ति इसी नई प्रक्रिया के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से योग्य और प्रशिक्षित युवाओं को पंचायत स्तर पर अवसर मिलेगा। इससे ग्रामीण प्रशासन की कार्यक्षमता बढ़ेगी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी। यह आदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव स्तर से जारी किया गया है और इसे तत्काल प्रभाव से लागू माना जा रहा है।
