Saturday, 07 Nov 2026 भारत
W 𝕏 f
होम › रायपुर › पेन ड्राइव ने खोली 1.30 करोड़ की जीएसटी चोरी, खजू…
पेन ड्राइव ने खोली 1.30 करोड़ की जीएसटी चोरी
पेन ड्राइव ने खोली 1.30 करोड़ की जीएसटी चोरी
रायपुर

पेन ड्राइव ने खोली 1.30 करोड़ की जीएसटी चोरी, खजूर कारोबारी ने भरा रिकॉर्ड टैक्स

राज्य जीएसटी विभाग ने खजूर कारोबार से जुड़े एक बड़े टैक्स चोरी मामले का खुलासा करते हुए 1.30 करोड़ रुपये की कर वसूली की है। देवपुरी स्थित गोदाम से मिली एक पेन ड्राइव ने करोड़ों रुपये के छिपे कारोबार का राज खोल दिया, जिसके बाद कारोबारी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए पूरी राशि जमा कर दी।

अप्पू धीवर |  कीर्तिमान न्यूज
प्रकाशित: 31 Jul 2026, 11:22 AM · अपडेट: 02 Nov 2026, 10:19 PM
रायपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
स्टेट जीएसटी विभाग ने खजूर के कारोबार से जुड़े एक बड़े मामले में पहली बार इतनी बड़ी टैक्स वसूली की है। विभाग की कार्रवाई के बाद शहर के प्रमुख कारोबारी साधुराम नेनूमल ने एकमुश्त 1.30 करोड़ रुपये का कर जमा किया। विभाग की जांच में कारोबारी के कारोबार और टैक्स रिकॉर्ड में बड़े स्तर पर गड़बड़ियां सामने आईं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

गुप्त सूचना के आधार पर देवपुरी गोदाम तक पहुंची टीम

जीएसटी अधिकारियों को सूचना मिली थी कि एसएन ट्रेडर्स का देवपुरी में एक बड़ा गोदाम संचालित है। इसके अलावा कारोबारी गुढ़ियारी सहित शहर के कई स्थानों से खजूर की खरीद-बिक्री करता था। बताया जाता है कि यह फर्म विदेशों से खजूर आयात कर छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में उसकी सप्लाई करती है। लंबे समय तक विभाग को मुख्य गोदाम की जानकारी नहीं मिल सकी थी, लेकिन सूचना मिलने के बाद टीम ने देवपुरी स्थित गोदाम पर छापेमार कार्रवाई की। 

पेन ड्राइव ने खोले करोड़ों के कारोबार के राज

शुरुआती जांच में अधिकारियों को कोई खास दस्तावेज या सबूत नहीं मिला। हालांकि जांच के दौरान कबाड़ में रखे एक कंप्यूटर में लगी पेन ड्राइव पर अधिकारियों की नजर पड़ी। जब कंप्यूटर और पेन ड्राइव की जांच की गई तो उसमें करोड़ों रुपये के कारोबार से जुड़े रिकॉर्ड मिले। इन दस्तावेजों के आधार पर विभाग ने वास्तविक कारोबार और जीएसटी रिटर्न में दर्ज आंकड़ों का मिलान किया, जिसमें बड़े पैमाने पर अंतर सामने आया। 

कच्चे और पक्के कारोबार में मिला बड़ा अंतर

जांच में पता चला कि कारोबारी वास्तविक कारोबार का केवल एक हिस्सा ही आधिकारिक रिकॉर्ड में दिखा रहा था। कच्चे दस्तावेजों के अनुसार कारोबार कहीं अधिक था, जबकि रिटर्न में उसका लगभग एक-तिहाई हिस्सा ही दर्ज किया गया था। इस आधार पर विभाग ने कारोबारी पर 1.30 करोड़ रुपये की टैक्स देनदारी तय की। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए कारोबारी ने यह राशि जमा कर दी।

5 प्रतिशत जीएसटी होने के बावजूद नहीं किया टैक्स भुगतान

खजूर खाद्य सामग्री की श्रेणी में आने के कारण इस पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लागू होता है। इसके बावजूद जांच में सामने आया कि कारोबारी नियमित रूप से टैक्स का भुगतान नहीं कर रहा था। विशेष रूप से सऊदी अरब से आयात किए गए खजूर की कई खेपों का रिकॉर्ड विभाग के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया था, जिससे टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ। 

आयात-निर्यात का कारोबार भी रखा गया छिपाकर

अधिकारियों के अनुसार, एसएन ट्रेडर्स का कारोबार केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं था। फर्म राज्य के लगभग सभी जिलों के अलावा झारखंड, मध्यप्रदेश और ओडिशा में भी खजूर की सप्लाई करती थी। जांच में यह भी सामने आया कि आयात-निर्यात से जुड़े कारोबार का बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड से बाहर रखा गया था। इसी वजह से कम जीएसटी दर होने के बावजूद कारोबारी को 1.30 करोड़ रुपये का टैक्स जमा करना पड़ा।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
इस लेख में कोई त्रुटि दिखी? सुधार का अनुरोध करें
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़ ▾
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग ▾
दुर्ग संभाग ▾
बिलासपुर संभाग ▾
सरगुजा संभाग ▾
बस्तर संभाग ▾
देश ▾
विदेश
सरकारी सूचना ▾
राजनीति ▾
खेल ▾
मनोरंजन ▾
कारोबार ▾
कीर्तिमान विशेष ▾
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें