NEET-UG 2026 परीक्षा में हुए पेपर लीक और देशव्यापी आक्रोश के बाद सरकार अब तक के सबसे बड़े और अभूतपूर्व सुरक्षा कदम उठाने की तैयारी में है। परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की साख पर उठते सवालों के बीच, आगामी 21 जून को होने वाले री-टेस्ट (Re-test) को पूरी तरह 'फूलप्रूफ' और अभेद्य बनाने का प्लान तैयार कर लिया गया है।
अब लीकबाजों और सॉल्वर गैंग के मंसूबों को नाकाम करने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) को मैदान में उतारने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
रक्षा मंत्री की हाई-लेवल बैठक
बीते दिन केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक हुई। इस बैठक की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए।
बैठक का मुख्य एजेंडा: परीक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करना और ट्रांसपोर्टेशन के दौरान पेपर लीक होने की गुंजाइश को पूरी तरह खत्म करना।
इसी बैठक में प्रस्ताव रखा गया कि संवेदनशील और दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के विशेष विमानों का इस्तेमाल किया जाए।
कैसा होगा वायुसेना का 'सिक्योरिटी रूट'?
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यदि इस योजना को हरी झंडी मिलती है, तो वायुसेना के विमान प्रश्नपत्रों को सीधे राज्यों के चुनिंदा और सुरक्षित सैन्य/नागरिक हवाई अड्डों पर लैंड कराएंगे।
इन प्रमुख शहरों को बनाया जाएगा हब:
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, आगरा, गोरखपुर और वाराणसी।
बिहार: पटना और दरभंगा।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता और बागडोगरा।
हवाई अड्डे पर लैंडिंग के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच राज्य की स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासन को पेपर सौंपे जाएंगे, जिससे रास्ते में पेपर लीक होने का खतरा शून्य हो जाएगा।
PM मोदी खुद संभाल रहे हैं कमान
हालांकि वायुसेना के इस्तेमाल का अभी औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन इस पूरे प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस पर पैनी नज़र बनाए हुए हैं और अधिकारियों को सीधे निर्देश दे रहे हैं। माना जा रहा है कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा की शुचिता को देखते हुए पीएम मोदी जल्द ही इस 'एयरफोर्स प्लान' पर अपनी फाइनल मुहर लगा सकते हैं।
अब तक क्या हुआ?
12 मई की परीक्षा रद्द: कथित पेपर लीक और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोपों के बाद सरकार ने NEET-UG 2026 की परीक्षा को रद्द कर दिया था।
CBI की ताबड़तोड़ कार्रवाई: इस मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) कर रही है। देश के अलग-अलग शहरों से अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं।
21 जून की चुनौती: अब सरकार के सामने 21 जून को होने वाली पुनरीक्षा (Re-test) को बिना किसी दाग के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की सबसे बड़ी चुनौती है।
छात्रों और अभिभावकों को उम्मीद है कि इस बार कड़े सुरक्षा इंतजामों के कारण परीक्षा पारदर्शी तरीके से संपन्न होगी और देश के होनहारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होगा।
