Tuesday, 01 Sep 2026 भारत
W 𝕏 f
होम अन्य महाराष्ट्र में फिर खेला : उपसभापति चुनाव से ठीक प…
चुनाव से पहले सियासी उलटफेर
चुनाव से पहले सियासी उलटफेर
अन्य Featured

महाराष्ट्र में फिर खेला : उपसभापति चुनाव से ठीक पहले उद्धव को झटका, शिंदे गुट में शामिल हुए सचिन अहीर

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। उद्धव ठाकरे (UBT) गुट के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर ने शिवसेना (शिंदे गुट) का दामन थाम लिया है। शिंदे गुट में शामिल होते ही उन्होंने महायुति उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल कर दिया।

कीर्तिमान न्यूज
30 Jun 2026, 03:46 PM
मुंबई
महाराष्ट्र की सियासत अपनी अनिश्चितताओं के लिए जानी जाती है, और यहाँ एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिला है। विधान परिषद के उपसभापति चुनाव की सरगर्मियों के बीच, उद्धव ठाकरे (UBT) गुट को एक बड़ा झटका लगा है। 
ठाकरे परिवार के बेहद भरोसेमंद माने जाने वाले वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य (MLC) सचिन अहीर ने पाला बदल लिया है। उन्होंने उद्धव सेना का साथ छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थाम लिया है। 

नामांकन किया दाखिल 

दिलचस्प बात यह है कि शिंदे गुट में शामिल होने के तुरंत बाद सचिन अहीर ने महायुति (सत्तारूढ़ गठबंधन) के उम्मीदवार के तौर पर उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन भी दाखिल कर दिया। इस एक कदम ने राज्य की राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है। सचिन अहीर सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि मुंबई के वर्ली इलाके में उद्धव और आदित्य ठाकरे के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक माने जाते थे। 
नामांकन किया दाखिल

उद्धव कैंप के लिए बड़ा झटका

वर्ली, जो कि आदित्य ठाकरे का निर्वाचन क्षेत्र है, वहाँ संगठन को जमीन पर खड़ा करने और उसे संभाले रखने में अहीर की भूमिका बेहद अहम रही है। ऐसे में उनका अचानक यूं पाला बदलना उद्धव कैंप के लिए एक बड़ा रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक झटका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अहीर के आने से न सिर्फ विधान परिषद में, बल्कि आगामी चुनावों में भी शिंदे गुट और महायुति की स्थिति मुंबई के कोर इलाकों में और मजबूत होगी। 

शिंदे गुट के लिए मील का पत्थर 

सचिन अहीर का स्वागत करते हुए शिंदे गुट के नेताओं ने इसे पार्टी के विस्तार और मजबूती के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। सत्ता पक्ष का कहना है कि अहीर जैसे जमीनी और अनुभवी नेताओं के आने से शिवसेना का कैडर और अधिक ऊर्जावान होगा। दूसरी तरफ, इस घटनाक्रम ने विपक्षी खेमे (महाविकास अघाड़ी) की नींद उड़ा दी है। गलियारों में चर्चा तेज है कि अहीर का जाना सिर्फ एक शुरुआत हो सकती है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से विपक्ष के कई अन्य बड़े चेहरों के भी पाला बदलने की सुगबुगाहट चल रही है। 

राजनीतिक सफर में काफी उतार-चढ़ाव  

यह पहली बार नहीं है जब सचिन अहीर ने कोई बड़ा सियासी फैसला लिया हो। उनका राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा और रणनीतिक रहा है:
  • राकांपा (NCP): उन्होंने अपने करियर की एक लंबी पारी शरद पवार की एनसीपी में खेली और वहां मंत्री पद तक पहुंचे।

  • शिवसेना (उद्धव गुट): साल 2019 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पाला बदला और मातोश्री का हाथ थाम लिया।

  • शिवसेना (शिंदे गुट): अब, बदलते समीकरणों को भांपते हुए उन्होंने एकनाथ शिंदे की लीडरशिप पर भरोसा जताया है।

  • आगे क्या? नए समीकरणों की आहट 

    उपसभापति के इस चुनाव ने महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे दिया है। महायुति इसे अपनी बढ़ती हुई ताकत और विपक्ष के बिखरते कुनबे के रूप में पेश कर रही है। वहीं, विपक्ष के सामने अब साख बचाने के साथ-साथ अपने बाकी विधायकों और नेताओं को पाला बदलने से रोकने की दोहरी चुनौती है। अब सबकी निगाहें उपसभापति चुनाव के नतीजों और मुंबई की सड़कों से लेकर मंत्रालय तक होने वाली अगली सियासी हलचलों पर टिकी हैं। देखना दिलचस्प होगा कि उद्धव ठाकरे इस झटके से उबरने के लिए क्या जवाबी रणनीति अपनाते हैं।
    क्या यह खबर उपयोगी लगी?
    शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
    WhatsApp Telegram
    हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
    कीर्तिमान
    छत्तीसगढ़
    सभी छत्तीसगढ़ ›
    रायपुर संभाग
    दुर्ग संभाग
    बिलासपुर संभाग
    सरगुजा संभाग
    बस्तर संभाग
    देश
    विदेश
    सरकारी सूचना
    राजनीति
    खेल
    मनोरंजन
    कारोबार
    कीर्तिमान विशेष
    तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
    वीडियो
    अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
    अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
    टिप्पणियाँ
    शेयर करें
    Clip & Share

    अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

    सावधान: संवेदनशील सामग्री
    इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
    ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
    पुश नोटिफिकेशन चालू करें