क्या है यह स्कॉलरशिप और किसे मिलता है लाभ?
यह देश में कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों के लिए चलाई जाने वाली सबसे बड़ी छात्रवृत्ति योजनाओं में से एक है।
पात्रता: यह स्कॉलरशिप उन विद्यार्थियों को दी जाती है, जिन्होंने अपनी 12वीं की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 80वां परसेंटाइल (80th Percentile) हासिल किया हो और किसी मान्यता प्राप्त रेगुलर कॉलेज या यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया हो।
कितनी मिलती है आर्थिक सहायता?
स्कॉलरशिप की राशि पढ़ाई के स्तर और कोर्स की अवधि के आधार पर तय की जाती है:
| कोर्स और पढ़ाई का वर्ष | मिलने वाली स्कॉलरशिप (सालाना) |
| अंडरग्रेजुएट (UG) के शुरुआती 3 साल (B.Sc, B.Com, B.Tech, मेडिकल आदि) | ₹12,000 |
| UG का चौथा व पांचवां साल (5-वर्षीय या इंटीग्रेटेड कोर्स) | ₹20,000 |
| पोस्टग्रेजुएट (PG) कोर्सेज | ₹20,000 |
रिन्यूअल के लिए मुख्य शर्तें
जो छात्र पिछले सत्र में इस योजना का लाभ उठा चुके हैं, वे नीचे दी गई शर्तों को पूरा करके अपनी स्कॉलरशिप जारी रख सकते हैं:
निरंतर पढ़ाई: छात्र को बिना किसी ब्रेक (गैप ईयर) के उसी रेगुलर और फुल-टाइम कोर्स में पढ़ाई जारी रखनी होगी।
न्यूनतम अंक: पिछली वार्षिक या सेमेस्टर परीक्षा में कम से कम 50% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
उपस्थिति (Attendance): संस्था के नियमानुसार कम से कम 75% अटेंडेंस होनी चाहिए, जिसकी पुष्टि संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी द्वारा की जाएगी।
कोई अन्य छात्रवृत्ति न हो: आवेदक को उसी कोर्स के लिए केंद्र सरकार की किसी अन्य योजना या फीस रीइम्बर्समेंट का लाभ न मिल रहा हो।
वैध आय प्रमाण पत्र: परिवार की वार्षिक आय तय सीमा के भीतर होनी चाहिए और इसके लिए नया व वैध आय प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
महत्वपूर्ण तिथियां (Deadlines)
छात्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2026
संस्थान स्तर (Institute Level) पर वेरिफिकेशन की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026
समय रहते National Scholarship Portal (NSP) पर जाकर अपना रिन्यूअल फॉर्म भर लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की तकनीकी समस्या का सामना न करना पड़े।







