छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बस रोककर चालक और कंडक्टर के साथ मारपीट तथा लूट की घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बोलेरो वाहन भी जब्त की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग पर वारदात
जानकारी के अनुसार, 10 जून को दलधोवा घाट स्थित शिव मंदिर के सामने राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोती श्री बस को कुछ लोगों ने रोक लिया था। आरोपियों ने बस चालक और कंडक्टर के साथ मारपीट की और लूट की घटना को अंजाम देते हुए, वारदात के बाद सभी आरोपी बोलेरो वाहन में सवार होकर मौके से फरार हो गए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की, लेकिन रात का अंधेरा और जंगल का रास्ता होने के कारण आरोपी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहे।
पुलिस ने बनाई टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए बलरामपुर पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की। टीम ने लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी और तकनीकी साक्ष्यों के साथ मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को मुख्य आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी जितेंद्र गुप्ता को एमसीबी जिले के पटना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुला मामला
मुख्य आरोपी से पूछताछ के दौरान पुलिस को अन्य साथियों के बारे में जानकारी मिली की पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन अन्य आरोपियों को भी हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो वाहन भी बरामद कर जब्त किया।
चारों आरोपियों को भेजा जेल
आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के निर्देश पर सभी को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल रामानुजगंज भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
