Saturday, 13 Jun 2026 भारत
ब्रेकिंग
दुर्घटना : जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान क्रैश से पांच जवान शहीद और को-पायलट घायल कार्रवाई : नाबालिग का अपहरण कर शोषण करने वाला आरोपी जेल भेजा गया शराब विवाद : 10 दिनों में दूसरा मामला सामने आने से हड़कंप पावर शॉक : 400 यूनिट तक तो राहत, लेकिन 500 से ऊपर बढ़ा बिल, फैक्ट्रियां पलायन के डर से सहमीं! हादसा : ऑयल फैक्ट्री में भीषण आग, सेल्फ इग्नीशन से मचा हड़कंप विमान हादसा : जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान IAF का AN-32 क्रैश, दो हिस्सों में बंटा दुर्घटना : जोरहाट एयरबेस पर एएन-32 विमान क्रैश से पांच जवान शहीद और को-पायलट घायल कार्रवाई : नाबालिग का अपहरण कर शोषण करने वाला आरोपी जेल भेजा गया शराब विवाद : 10 दिनों में दूसरा मामला सामने आने से हड़कंप पावर शॉक : 400 यूनिट तक तो राहत, लेकिन 500 से ऊपर बढ़ा बिल, फैक्ट्रियां पलायन के डर से सहमीं! हादसा : ऑयल फैक्ट्री में भीषण आग, सेल्फ इग्नीशन से मचा हड़कंप विमान हादसा : जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान IAF का AN-32 क्रैश, दो हिस्सों में बंटा
W 𝕏 f
होम अर्थव्यवस्था पावर शॉक : 400 यूनिट तक तो राहत, लेकिन 500 से ऊपर…
बिजली बिल सरचार्ज बढ़ाने को हरी झंडी
बिजली बिल सरचार्ज बढ़ाने को हरी झंडी
🔴 BREAKING अर्थव्यवस्था

पावर शॉक : 400 यूनिट तक तो राहत, लेकिन 500 से ऊपर बढ़ा बिल, फैक्ट्रियां पलायन के डर से सहमीं!

दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है। DERC ने BRPL, BYPL और TPDDL को PPAC सरचार्ज बढ़ाने की मंजूरी दे दी है, जिससे 500 यूनिट या उससे अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के बिल बढ़ जाएंगे। हालांकि 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों को राहत दी गई है।

कीर्तिमान न्यूज
13 Jun 2026, 01:57 PM
नई दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर है। दिल्ली बिजली नियामक आयोग (DERC) ने शनिवार को राजधानी की तीनों प्रमुख बिजली कंपनियों (BRPL, BYPL और TPDDL) को पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) यानी अतिरिक्त सरचार्ज बढ़ाने की हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के बाद अब दिल्ली में बिजली का बिल और भारी होने वाला है।
हालाँकि, इस बढ़े हुए बोझ के बीच दिल्ली के आम मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए राहत की बात यह है कि जो लोग हर महीने 400 यूनिट तक बिजली की खपत करते हैं, उन्हें इस बढ़ोतरी से पूरी तरह बाहर रखा गया है। उन पर इस नए सरचार्ज का कोई असर नहीं पड़ेगा।

500 यूनिट पार करते ही जेब पर पड़ेगा तगड़ा झटका

असली मार उन उपभोक्ताओं पर पड़ने वाली है जिनका घरेलू खर्च ज्यादा है। नए नियमों के मुताबिक, यदि महीने में बिजली की खपत 500 यूनिट या उससे अधिक होती है, तो पहले की तुलना में काफी बढ़ा हुआ बिल चुकाना होगा। 400 यूनिट की सीमा लांघते ही सब्सिडी का गणित बदलेगा और भारी-भरकम एडजेस्टमेंट चार्ज सीधे आपकी जेब पर डाका डालेगा।

व्यापारियों में हड़कंप: CM रेखा गुप्ता को लिखा गया आपातकालीन पत्र

बिजली दरों में इस भारी बढ़ोतरी के संकेत मिलते ही दिल्ली के व्यापारिक जगत में खलबली मच गई है। 'चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री' (CTI) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस मामले को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक तत्काल पत्र लिखा है।
इस पत्र में व्यापारियों की चिंताओं को प्रमुखता से उठाते हुए चेतावनी दी गई है कि:
  • दुकानों के बिलों में भारी उछाल: करोलबाग जैसे बड़े व्यापारिक क्षेत्रों की दुकानों के बिजली बिलों में उत्तर प्रदेश (नोएडा/गाजियाबाद) और हरियाणा (गुरुग्राम) की तुलना में 4,000 से 5,000 रुपये तक की अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
  • पड़ोसी राज्यों से 15-20% महंगी बिजली: इस फैसले के बाद दिल्ली में कमर्शियल और इंडस्ट्रियल (व्यापारिक और औद्योगिक) बिजली की दरें पड़ोसी राज्यों के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत तक महंगी हो जाएंगी।
  • महंगाई का नया दौर: बिजली महंगी होने का सीधा असर कारखानों के उत्पादन पर पड़ेगा, जिससे दिल्ली में बनने वाले सभी उत्पाद महंगे हो जाएंगे। इसका सीधा बोझ अंततः आम जनता और दुकानदारों पर ही आएगा।

दिल्ली छोड़ पड़ोसी राज्यों का रुख कर सकते हैं उद्योगपति!

इस फैसले के बाद दिल्ली के छोटे-बड़े फैक्ट्री मालिकों और बिजनेसमैन की चिंताएं सातवें आसमान पर हैं। व्यापारियों को डर है कि दिल्ली में कमर्शियल बिजली की दरें इतनी ज्यादा होने से यहां व्यापार करना घाटे का सौदा साबित हो सकता है।

सबसे बड़ा खतरा: उद्योगों का पलायन

औद्योगिक संगठनों का मानना है कि यदि दिल्ली में बिजली इसी तरह महंगी होती रही, तो उद्योगपति अपनी फैक्ट्रियों को दिल्ली से समेटकर पड़ोसी राज्यों (यूपी और हरियाणा) में शिफ्ट करने पर मजबूर हो जाएंगे। पड़ोसी राज्यों में न सिर्फ दिल्ली की अपेक्षा बिजली काफी सस्ती है, बल्कि वहां मैनपावर (मजदूरी) की लागत भी काफी कम आती है। ऐसे में दिल्ली को बड़े राजस्व (Revenue) और रोजगार का नुकसान झेलना पड़ सकता है।
अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि क्या वे व्यापारियों और भारी बिजली उपभोक्ताओं को इस 'पावर शॉक' से बचाने के लिए कोई बीच का रास्ता निकालते हैं या नहीं।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
भारत
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
विदेश
राजनीति
मनोरंजन
खेल
तकनीक
कारोबार
शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल
कलमकार
आयोजन
डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें