प्रयागराज की नैनी जेल में बंद ठोकिया गिरोह के एक सदस्य की रिहाई का सपना अब टूट गया है। यूपी शासन ने उसकी समय से पहले जेल से बाहर आने की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि उसे अपनी सजा के बाकी दिन जेल की सलाखों के पीछे ही बिताने होंगे।
यह मामला 22 जुलाई 2007 का है। उस वक्त एसटीएफ यानी स्पेशल टास्क फोर्स की एक टीम ने गिरोह के एक सदस्य को मुठभेड़ में मार गिराया था। वापस लौटते समय एसटीएफ टीम पर अचानक हमला कर दिया गया था। इस भीषण घटना में 6 बहादुर पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक, यानी कुल सात लोगों की जान चली गई थी। अदालत ने शंकर सिंह पटेल को इस हत्याकांड का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
रिहाई की अर्जी क्यों हुई खारिज
शंकर सिंह पटेल ने जेल में 13 साल और 8 महीने से ज्यादा की सजा काट ली है। इसी आधार पर उसने शासन के सामने समय से पहले रिहाई की मांग रखी थी। हालांकि, उसके द्वारा किए गए अपराध की गंभीरता को देखते हुए शासन ने उसके आवेदन को मंजूर नहीं किया। जेल प्रशासन और शासन के इस सख्त रुख को अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस के तौर पर देखा जा रहा है। शासन ने साफ कर दिया है कि ऐसे जघन्य अपराधों के दोषियों को समय से पहले बाहर आने का कोई मौका नहीं दिया जाएगा। फिलहाल वह नैनी जेल में ही अपनी सजा काटता रहेगा।