आगामी एशियन गेम्स के लिए भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) ने भारतीय शूटिंग टीम की घोषणा कर दी है। 30 सदस्यीय टीम में देश के कई अनुभवी और युवा निशानेबाजों को जगह दी गई है। टीम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि स्टार शूटर मनु भाकर और उभरती हुई निशानेबाज ईशा सिंह को दोनों प्रमुख पिस्टल स्पर्धाओं में मौका दिया गया है चयनकर्ताओं को उम्मीद है कि यह जोड़ी भारत को एक बार फिर एशियाई मंच पर पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी भारतीय शूटिंग से इस बार उम्मीदें इसलिए भी अधिक हैं क्योंकि पिछले एशियाई खेलों में भारतीय निशानेबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 22 पदक अपने नाम किए इस उपलब्धि ने भारत को एशिया की प्रमुख शूटिंग में शामिल किया है अब लक्ष्य उस प्रदर्शन को दोहराने के साथ-साथ पदकों की संख्या में और बढ़ोतरी करना है।
मनु भाकर संभालेंगी दोहरी जिम्मेदारी
ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुकी मनु भाकर को महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल दोनों स्पर्धाओं के लिए चुना गया है पिछले कुछ वर्षों में मनु ने लगातार बड़े मंचों पर शानदार प्रदर्शन किया है और दबाव की परिस्थितियों में भी खुद को साबित किया है टीम मैनेजमेंट का मानना है कि मनु का अनुभव और आत्मविश्वास भारतीय टीम के लिए बड़ा हथियार साबित होगा एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में उनकी मौजूदगी अन्य खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
ईशा सिंह से पदक की उम्मीद
युवा निशानेबाज ईशा सिंह को भी दोनों प्रमुख पिस्टल इवेंट्स में शामिल किया गया है हाल के वर्षों में ईशा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतर प्रदर्शन किया उनकी तकनीकी दक्षता और स्थिर निशानेबाजी ने उन्हें भारतीय टीम का का बड़ा हिस्सा है मनु और ईशा की जोड़ी व्यक्तिगत और टीम दोनों स्पर्धाओं में भारत के लिए पदक की मजबूत दावेदार होगी।
अनुभवी और मंजे हुए खिलाडी
एनआरएआई ने टीम चयन में अनुभव और युवा प्रतिभा के बीच सामंजस्य बनाने की कोशिश की है राइफल, पिस्टल और शॉटगन वर्गों में ऐसे खिलाड़ियों को मौका दिया गया है जिन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन किया है टीम में विश्व स्तरीय प्रतियोगिताओं का अनुभव रखने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ नई प्रतिभाओं को भी अवसर दिया गया है, ताकि भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार किया जा सके।
चीन और जापान से टक्कर
एशियाई स्तर पर शूटिंग प्रतियोगिताओं में चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी टीमें हमेशा से मजबूत रही हैं इन देशों के निशानेबाज लगातार विश्व स्तर पर पदक जीतते रहे हैं। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों के सामने चुनौती आसान नहीं होगी भारतीय शूटिंग टीम ने पिछले कुछ वर्षों में विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, जिससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास काफी बढ़ा है।
पदक की रेस
पिछले एशियन गेम्स में भारतीय निशानेबाजों ने 22 पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था। उस प्रदर्शन में कई युवा खिलाड़ियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया यही वजह है कि इस बार भी भारतीय दल से बड़ी उम्मीदें लगाई जा रही हैं कि यदि खिलाड़ी अपनी मौजूदा फॉर्म को बरकरार रखते हैं तो भारत शूटिंग में फिर से पदकों की झड़ी लगा सकता है।
भारतीय शूटिंग
भारत के लिए शूटिंग हमेशा से उन खेलों में शामिल रही है जहां सबसे अधिक पदक मिलने की संभावना रहती है। एशियन गेम्स में भी शूटिंग प्रतियोगिताएं भारतीय दल के कुल पदक प्रदर्शन को काफी प्रभावित करती हैं। इसलिए चयनकर्ताओं ने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों को मौका देने पर जोर दिया है अब सभी की निगाहें मनु भाकर, ईशा सिंह और भारतीय शूटिंग टीम के अन्य सितारों पर होंगी, जो एशियाई खेलों में देश के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। यदि टीम अपने पिछले प्रदर्शन को दोहराने में सफल रहती है तो भारत के पदक अभियान को बड़ी मजबूती मिल सकती है।
