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हाथी दांत तस्करी में आरोपी गिरफ्तार
हाथी दांत तस्करी में आरोपी गिरफ्तार
बलरामपुर-रामानुजगंज

हाथी के तीन जबड़े बरामद कर तस्करों को भेजा गया जेल

रामानुजगंज में वन विभाग ने हाथी दांत तस्करी के मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और धर्मशाला के कमरे से हाथी के तीन जबड़े बरामद किए गए हैं। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विभाग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच कर रहा है।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 04 Aug 2026, 03:38 PM · अपडेट: 30 Oct 2026, 10:45 PM
बलरामपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश
बलरामपुर जिले में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हाथी दांत तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है और रामानुजगंज नगर की एक निजी धर्मशाला में छापेमारी कर विभाग की टीम ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमेंआरोपितों के पास से हाथी के तीन जबड़े बरामद किए गए हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, वन्यजीव अपराधों पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली कि रामानुजगंज स्थित एक धर्मशाला के कमरा नंबर 205 में कुछ लोग हाथी दांत की अवैध खरीद-बिक्री के लिए रूके हुए हैं।

वन विभाग की टीम द्वारा कार्रवाई

जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की संयुक्त टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। टीम ने धर्मशाला के कमरे की तलाशी ली, जहां से हाथी के तीन जबड़े बरामद हुए और टीम द्वारा  मौके पर मौजूद तीनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने वन्यजीव तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके बाद विभाग ने उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू की। गिरफ्तार आरोपितों में संतोष कुमार विश्वकर्मा (34 वर्ष), निवासी तुकबेरा, पोस्ट कंडा, थाना नवाबाजार, जिला पलामू (झारखंड) शामिल है। इसके अलावा रामानुजगंज निवासी अजय कुमार गुप्ता (49 वर्ष) और संतोष कुमार रजक (50 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया है। वन विभाग ने तीनों आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और धारा 9, 39, 48(क), 50, 51 और 52 शामिल हैं। न्यायालय में पेश करने के बाद तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान

वन विभाग ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। विभाग को आशंका है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। वन विभाग की यह हालिया कार्रवाई कुछ दिन पहले सूरजपुर जिले के भैयाथान क्षेत्र में की गई कार्रवाई के बाद सामने आई है और वहां टीम ने वन्यजीव तस्करों के कब्जे से बाघ की खाल और पैंगोलिन के शल्क बरामद किए थे। लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए वन विभाग को आशंका है कि बलरामपुर और सूरजपुर क्षेत्र में अंतरराज्यीय वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो सकते हैं। विभाग अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटा है।
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