CG News: जिले में बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्यों में तेजी लाई गई है, खराब सड़कों को दुरुस्त करने के साथ ही नई सड़क परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम सड़क और अधोसंरचना से जुड़े कार्यों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री अरुण साव से चर्चा कर जिले की सड़कों की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि दूरस्थ गांवों के विकास के लिए बेहतर सड़क संपर्क जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए सड़क निर्माण, मरम्मत और पुल-पुलियों के कामों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करेंगे, ताकि निर्माण की गुणवत्ता और काम की प्रगति पर नजर रखी जा सके।
सड़कों की गुणवत्ता और मरम्मत पर विशेष ध्यान
जिला प्रशासन ने भी सड़कों के गड्ढे भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का काम तेज कर दिया है। मरम्मत के दौरान सड़क की चौड़ाई, ढलान और निर्माण गुणवत्ता की जांच की जा रही है। बारिश के कारण जिन मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जा रहा है।
NH-343 के 49 किलोमीटर हिस्से का हो रहा चौड़ीकरण
राष्ट्रीय राजमार्ग-343 के पैकेज-वन के तहत राजपुरीखुर्द से पाढ़ी तक 49 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जा रहा है। वहीं, राजपुर के करजी में डामरीकरण का काम चल रहा है। जलबासा, चटनिया और कुसमी में भी बिटुमिन से संबंधित सड़क कार्य प्रगति पर हैं।
तीन साल में 358 करोड़ रुपए के सड़क कार्य पूरे
पिछले तीन वर्षों में जिले में 358.06 करोड़ रुपए की लागत से 15 प्रमुख सड़क परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इनकी कुल लंबाई 238.63 किलोमीटर है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 201.37 करोड़ रुपए खर्च कर 81.50 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया।राजपुर-प्रतापपुर और कुसमी मार्ग का भी हुआ उन्नयन
पूरे किए गए प्रमुख सड़क कार्यों में केंद्रीय सड़क निधि (CRF) योजना के तहत 89.09 करोड़ रुपए की लागत से राजपुर-प्रतापपुर मार्ग का 29.20 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। इसके अलावा 52.15 करोड़ रुपए की लागत से जशपुर-आस्ता-कुसमी मार्ग और 33.10 करोड़ रुपए की लागत से कुसमी-सामरी मार्ग का उन्नयन किया गया है।
18.31 करोड़ रुपए से बनेंगे चार नए पुल
जिले में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए इरिया, मोरन, सिंदूर और बांकी नदी पर चार नए पुलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 18.31 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इनमें मोरन नदी पर बनने वाला पुल खास तौर पर चलगली क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान बनाने पर जोर
सड़क मरम्मत, चौड़ीकरण और पुल निर्माण की इन परियोजनाओं का उद्देश्य जिले के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। खासकर बारिश के दौरान प्रभावित होने वाले मार्गों को दुरुस्त करने और नदी-नालों के कारण बाधित आवागमन को आसान बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।







