केंद्र सरकार ने देश में खेलों को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। भारतीय खिलाड़ियों को विश्व स्तर पर तैयार करने और 2030 राष्ट्रमंडल खेलों व 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दावेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से अगले पांच वर्षों के लिए 36,441 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी गई है।
इस राशि में खेलो इंडिया योजना के लिए 29,054 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) को सहायता देने के लिए 7,387 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि यह अब तक का सबसे बड़ा खेल विकास कार्यक्रम होगा, जिसका फोकस जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच के लिए तैयार करने पर रहेगा।
खेलो इंडिया योजना को मिला बड़ा बजट
सरकार ने खेलो इंडिया योजना के विस्तार के लिए 29,054 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस योजना के माध्यम से स्कूल और ग्रामीण स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य देश में खेल संस्कृति को मजबूत करना और ऐसे खिलाड़ियों को तैयार करना है, जो भविष्य में ओलंपिक, पैरालंपिक और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSF) के लिए 2026-31 की अवधि के दौरान 7,387 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस फंड का इस्तेमाल खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान सुविधाएं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी, विदेशी विशेषज्ञों की सेवाएं और उच्च स्तरीय कोचिंग उपलब्ध कराने में किया जाएगा। सरकार के अनुसार, इस सहायता से भारतीय खिलाड़ियों की तैयारी अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हो सकेगी।स्कूल स्तर से तैयार होंगी नई खेल प्रतिभाएं
खेलों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने के लिए सरकार ने दो नई पहल शुरू करने की योजना बनाई है। इनमें ‘खेलो इंडिया फीडर स्कूल’ और ‘खेलो इंडिया उत्कृष्ट विद्यालय’ शामिल हैं। इनके जरिए स्कूल स्तर पर ही प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान की जाएगी और उन्हें व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर आगे बढ़ाया जाएगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आएगा खिलाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड
नई योजना के तहत एक डिजिटल स्पोर्ट्स प्लेटफॉर्म भी विकसित किया जाएगा। इसमें खिलाड़ियों का डेटा, खेल सुविधाएं, प्रतियोगिताएं, कोचिंग संसाधन, प्रतिभा मूल्यांकन और आर्थिक सहायता से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध होगी। सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ियों की प्रगति पर बेहतर नजर रखी जा सकेगी और खेल योजनाओं को अधिक प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। सरकार ने योजना में महिला खिलाड़ियों, पैरा-एथलीट्स और पारंपरिक भारतीय खेलों को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही है। इसके अलावा भारत में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी को बढ़ावा देने के लिए भी सहायता दी जाएगी।बनेगा नया प्रतिभा खोज तंत्र
खिलाड़ियों की पहचान के लिए देशभर में एक राष्ट्रीय प्रतिभा खोज प्रणाली तैयार की जाएगी। इसमें क्षेत्रीय समितियां, स्काउट्स, हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर और मैनेजर मिलकर उभरते खिलाड़ियों की तलाश करेंगे और उनकी प्रगति पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही मौजूदा ‘खेलो इंडिया एथलीट्स’ कार्यक्रम के साथ इमर्जिंग खेलो इंडिया एथलीट्स नाम की नई श्रेणी भी शुरू की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह योजना भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी और भविष्य में ओलंपिक व पैरालंपिक जैसे बड़े आयोजनों की मेजबानी की तैयारियों को मजबूती देगी।