बच्चों में जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान कर उन्हें बेहतर और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित “प्रोजेक्ट धड़कन” के तहत शुक्रवार को जिलेभर में विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में लगाए गए शिविरों में कुल 853 बच्चों की मुफ्त हृदय जांच की गई।
इस विशेष अभियान का संचालन जिला प्रशासन और श्री सत्य साई हॉस्पिटल के सहयोग से किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीमों ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई आंगनबाड़ी केंद्रों में पहुंचकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। गांधी नगर, मोहदी, संघर्ष नगर, रामकुंड, बीरगांव, खमतराई और दोंदेखुर्द समेत कई क्षेत्रों में स्क्रीनिंग शिविर आयोजित किए गए, जहां बच्चों की हृदय संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक जांच की गई।
जन्मजात हृदय रोग की समय रहते पहचान पर फोकस
प्रोजेक्ट धड़कन का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित हैं, लेकिन जिनकी बीमारी शुरुआती चरण में सामने नहीं आ पाती। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों की विस्तृत जांच की जाती है, जिससे संभावित गंभीर मामलों का समय रहते पता लगाया जा सके और आगे की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू की जा सके। जिला प्रशासन के अनुसार, परियोजना शुरू होने के बाद से अब तक रायपुर जिले में 1 लाख 34 हजार 504 बच्चों की हृदय जांच की जा चुकी है। जांच के दौरान चिन्हित बच्चों को आवश्यकतानुसार विशेषज्ञ परामर्श, चिकित्सा सहायता और उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रशासन का मानना है कि लगातार चल रहे इस अभियान से कई बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने में मदद मिली है।18 बच्चों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन सफल
प्रोजेक्ट धड़कन के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। अब तक 14 बच्चों का चिकित्सकीय उपचार और प्रबंधन किया जा चुका है, जबकि 18 बच्चों के निःशुल्क हृदय ऑपरेशन सफलतापूर्वक कराए गए हैं। इन बच्चों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराकर स्वस्थ जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
जिला प्रशासन ने बताया कि प्रोजेक्ट धड़कन के तहत स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य जिले के अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच बनाकर उन्हें समय रहते स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाना और गंभीर हृदय रोगों के जोखिम को कम करना है। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे ऐसे स्वास्थ्य शिविरों का लाभ उठाएं और बच्चों की नियमित जांच कराएं।