तेज रफ्तार भारी वाहनों की वजह से लगातार सड़क हादसे सामने आ रहे हैं। पिछले दो हफ्तों में अलग-अलग दुर्घटनाओं में चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। खासकर रेत के अवैध परिवहन में लगे तेज रफ्तार टिप्पर वाहनों पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि भारी वाहन चालक नियमों की अनदेखी करते हुए तेज गति से वाहन चला रहे हैं, जिससे आए दिन हादसे हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर मुख्य मार्गों तक भारी वाहनों की तेज रफ्तार लोगों के लिए खतरा बनती जा रही है। वहीं प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बीते दिनों बस्तर संभाग में हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो चुकी है। पहली घटना 27 जुलाई को बाड़ांजी थाना क्षेत्र के छापर भानपुरी इलाके में हुई थी।
हादसों में चार लोगों की मौत
यहां तेज रफ्तार टिप्पर ने बाइक सवार दो युवकों को अपनी चपेट में ले लिया था। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके बाद 2 अगस्त को रायकोट के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक तेज रफ्तार टिप्पर ने स्कूटी सवार 16 वर्षीय लड़की को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल लड़की की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में लोगों ने भारी वाहनों की रफ्तार और यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता जताई थी। वहीं 4 अगस्त को लोहंडीगुड़ा थाना क्षेत्र के मांदर गांव में तेज रफ्तार टिप्पर की चपेट में आने से 3 वर्षीय मासूम की मौत हो गई। लगातार हो रहे इन हादसों के कारण लोगों में भारी नाराजगी है और वे भारी वाहनों की जांच व कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

टिप्परों पर कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेत के अवैध परिवहन में लगे कई टिप्पर बिना रोक-टोक तेज गति से सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों की वजह से छोटे वाहन चालकों और पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी करने वाले टिप्पर चालकों के खिलाफ जल्द अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
कोंडागांव में बस और ट्रक की भिड़ंत
इधर, कोंडागांव जिले में भी सड़क हादसे का मामला सामने आया है। यहां बस और ट्रक के बीच हुई जोरदार भिड़ंत में 10 यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को तत्काल फरसगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
बस-ट्रक हादसे के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए अब भारी वाहनों की रफ्तार और परिवहन व्यवस्था पर सख्ती बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है। बस्तर संभाग में बढ़ते सड़क हादसे एक बड़ी चिंता बनते जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल हो सकता है।