Sunday, 06 Sep 2026 भारत
ब्रेकिंग
W 𝕏 f
होम राज्य सरकार Raipur Dahi Handi: अवधपुरी मैदान में दही हांडी उत…
CM Sai participates in Dahi Handi celebrations. (Image Source: CGDPR)
CM Sai participates in Dahi Handi celebrations. (Image Source: CGDPR)
राज्य सरकार

Raipur Dahi Handi: अवधपुरी मैदान में दही हांडी उत्सव की धूम, CM साय ने दी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं

Raipur Dahi Handi: गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में भव्य दही हांडी उत्सव का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने गोविंदाओं का उत्साह बढ़ाते हुए श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं और दही हांडी को एकता, सहयोग व टीम भावना का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में लखबीर सिंह लक्खा और बी प्राक की प्रस्तुतियों ने भी समां बांधा।

कीर्तिमान डेस्क | धनेश्वरी साहू
06 Sep 2026, 11:23 AM
रायपुर
Raipur Dahi Handi: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में शामिल हुए। उत्सव में उमड़े जनसमूह के बीच मुख्यमंत्री ने गोविंदाओं की टोलियों का उत्साहवर्धन किया और प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दही हांडी का उत्सव भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की स्मृतियों को जीवंत करने के साथ हमें एकता, सहयोग और टीम भावना की शक्ति का संदेश भी देता है। माखन चुराने वाले नटखट कान्हा की बाल लीलाएं आज भी हर मन में आनंद, प्रेम और भक्ति का भाव जगाती हैं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दही हांडी केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामूहिकता की शक्ति का सुंदर प्रतीक है। हांडी तक पहुंचने वाला गोविंदा अकेले उस ऊंचाई तक नहीं पहुंचता। उसके नीचे खड़े प्रत्येक साथी का विश्वास, सहयोग और सामर्थ्य उसे ऊपर तक पहुंचाता है। जब सभी एक लक्ष्य के लिए मिलकर प्रयास करते हैं, तभी कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। यही संदेश हमें समाज और प्रदेश के विकास के लिए भी प्रेरित करता है।

श्रीकृष्ण के जीवन से सीखें कर्तव्य पर अडिग रहने की प्रेरणा: CM साय

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन हमें जीवन जीने की कला और अपने कर्तव्य के प्रति समर्पण की सीख देता है। ग्वालबालों के प्रिय सखा के रूप में उन्होंने प्रेम और मित्रता का संदेश दिया, द्वारका के नेतृत्वकर्ता के रूप में कुशल नेतृत्व का आदर्श प्रस्तुत किया और कुरुक्षेत्र में सारथी बनकर पूरी मानवता को कर्मयोग का मार्ग दिखाया। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन की प्रत्येक भूमिका को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ निभाया। उनका जीवन हमें परिस्थितियां कैसी भी हों, अपने कर्तव्य पथ पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारा प्रदेश प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की जन्मभूमि है। भगवान श्रीराम ने वनवास का लंबा समय छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा पर बिताया। आज जिस अबूझमाड़ क्षेत्र को हम जानते हैं, वह रामायण काल के विशाल दंडकारण्य का हिस्सा रहा है। प्रभु श्रीराम से जुड़ी स्मृतियां और स्थल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को विशेष गौरव प्रदान करते हैं।

तीर्थ और गौवंश संरक्षण को लेकर CM साय का जोर

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थ स्थलों से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। अब तक छत्तीसगढ़ के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से अयोध्याधाम जाकर रामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से राज्य के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा कराई जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक 10 हजार से अधिक श्रद्धालु विभिन्न तीर्थ स्थलों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है। राज्य सरकार सुरभि गोधाम योजना के माध्यम से गौवंश के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी कार्य कर रही है।

शिव और शक्ति धामों का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देवी-देवताओं की कृपा से समृद्ध पुण्यभूमि है। प्रदेश पर भगवान भोलेनाथ की विशेष कृपा रही है। कबीरधाम में भोरमदेव और राजिम में कुलेश्वर महादेव जैसे प्राचीन एवं प्रसिद्ध शिव मंदिर हमारी आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। जशपुर का मधेश्वर पहाड़ अपनी अद्भुत प्राकृतिक संरचना के कारण विशेष पहचान रखता है और इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में मान्यता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती पर मातृशक्ति के अनेक प्रसिद्ध शक्तिपीठ और आस्था केंद्र भी विद्यमान हैं। डोंगरगढ़ में मां बम्लेश्वरी, रतनपुर में मां महामाया, दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी और चंद्रपुर में मां चंद्रहासिनी के धाम प्रदेश की समृद्ध आध्यात्मिक परंपरा के प्रतीक हैं। हमारी सरकार इस गौरवशाली धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और इसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भजन और गीतों से गूंजा उत्सव स्थल

विशाल दही हांडी उत्सव में भक्ति, उल्लास और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। गोविंदाओं की टोलियों ने पूरे जोश के साथ दही हांडी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। वहीं सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और लोकप्रिय गायक बी प्राक ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। भक्तिमय गीतों और भजनों के बीच पूरा आयोजन स्थल श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा एवं ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, गौसेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज, रायपुर नगर निगम की अध्यक्ष मीनल चौबे, वीणा सिंह, कौशल्या देवी साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
अभी कोई रील उपलब्ध नहीं है
टिप्पणियाँ
शेयर करें
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें