राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश के बाद राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की एक नई विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गृह विभाग के अधिकारियों को अदालत के निर्देशों का पूरी तरह पालन करने और जल्द से जल्द एसआईटी के सदस्यों के नाम तय करने के निर्देश दे दिए हैं, ताकि जांच प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी न हो।
नई एसआईटी में किन अधिकारियों को मिल सकती है जिम्मेदारी?
सूत्रों के अनुसार, नई एसआईटी की कमान मौजूदा एसआईटी के सदस्य और लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस. को सौंपी जा सकती है। इसके अलावा टीम में एक डीआईजी और एक एसएसपी स्तर के आईपीएस अधिकारी को भी शामिल किए जाने की चर्चा है। विकल्प के तौर पर किसी वरिष्ठ एडीजी स्तर के अधिकारी को भी इस जांच दल का प्रमुख बनाया जा सकता है, जिसमें कई बड़े नाम चर्चा में हैं। इस बीच, वर्तमान एसआईटी को अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए 30 जुलाई तक का समय बढ़ा कर दे दिया गया है, जिसके बाद पूरी रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए ट्रस्ट को सौंपी जाएगी।
क्या है पूरा मामला और अब तक क्या हुआ?
यह पूरा विवाद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में गड़बड़ी व चोरी के आरोपों से जुड़ा है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के विशेष अनुरोध पर राज्य सरकार ने सबसे पहले 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम ने 22 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी, जिसके आधार पर ट्रस्ट ने संबंधित दोषियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने और अन्य प्रशासनिक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से जांच का दायरा और अधिक व्यापक किया जा रहा है।