वाराणसी में कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कथित चंदे और चढ़ावे की गड़बड़ियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में एक स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। रागिनी नायक ने साफ कहा कि राम मंदिर के निर्माण में देश के करोड़ों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई और अटूट आस्था से दान दिया है। ऐसे में पैसों की किसी भी तरह की हेराफेरी सीधे तौर पर उनकी धार्मिक भावनाओं के साथ एक बड़ा धोखा है।
प्रधानमंत्री की भूमिका पर उठाए सीधे सवाल
शनिवार को वाराणसी में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस प्रवक्ता ने कई तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट की शुरुआत से लेकर भूमि पूजन, शिलान्यास और प्राण-प्रतिष्ठा तक के हर बड़े फैसले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद आगे रहे हैं। इसलिए अब जब ट्रस्ट के कामकाज और पैसों के लेन-देन पर उंगलियां उठ रही हैं, तो प्रधानमंत्री को खुद सामने आकर देश की जनता को सच बताना चाहिए। रागिनी नायक का आरोप है कि इस कथित घोटाले में केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि मुख्य पदों पर बैठे बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।
एसआईटी की रिपोर्ट और इस्तीफों का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता ने एक बड़ा दावा भी किया। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम यानी एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट आने के बाद ट्रस्ट के कुछ बड़े अधिकारियों के इस्तीफे चुपचाप स्वीकार कर लिए गए हैं। इसके अलावा मंदिर के बड़े आयोजनों में हुए भारी-भरकम खर्चों की भी गहराई से जांच चल रही है। उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण जैसे कार्यक्रमों के खर्चों के साथ-साथ आम जनता से मिले चढ़ावे के सरकारी आंकड़ों पर भी गहरा संदेह जताया है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस पूरे मामले का फोरेंसिक ऑडिट यानी पैसों की ऐसी बारीकी से जांच होनी चाहिए जिससे छिपी हुई गड़बड़ियां सामने आ सकें।कांग्रेस की पांच बड़ी और कड़ी मांगें
इस पूरे विवाद को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने सरकार के सामने अपनी पांच प्रमुख मांगें रख दी हैं। पहली मांग यह है कि प्रधानमंत्री खुद इस पर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखें। दूसरी मांग के तहत जिम्मेदार पदाधिकारियों पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। तीसरी मांग में सुप्रीम कोर्ट के जजों की निगरानी में निष्पक्ष न्यायिक जांच की बात कही गई है। चौथी मांग के अनुसार वर्तमान ट्रस्ट को तुरंत भंग करके एक नया और साफ-सुथरा ट्रस्ट बनाया जाए। आखिरी मांग में जमीन की खरीद-फरोख्त और चढ़ावे के पूरे पैसों का विशेष ऑडिट कराने की बात शामिल है। रागिनी नायक का कहना है कि उनकी पार्टी इस राम मंदिर ट्रस्ट विवाद के मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक उठाएगी ताकि दोषियों को कड़ी सजा मिल सके।