देश के कई हिस्से इस समय भीषण गर्मी और 'सुपर हीटवेव' (Severe Heatwave) की चपेट में हैं। तापमान रिकॉर्ड तोड़ते हुए 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इस जानलेवा गर्मी के बीच अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक (लू लगना) और पेट में इन्फेक्शन के मरीजों की संख्या में 40% तक का उछाल आया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम सामान्य गर्मी का नहीं है, इसलिए हमारी सेहत की रणनीति भी सामान्य नहीं हो सकती। आइए जानते हैं इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों के नए और सबसे असरदार टिप्स।
शरीर का 'इंजन' न हो फेल: समझें हीट स्ट्रोक के लक्षण
जब बाहर का तापमान हमारे शरीर के तापमान (37°C) से बहुत ज्यादा हो जाता है, तो शरीर खुद को ठंडा नहीं रख पाता। इसे ही हीट स्ट्रोक कहते हैं।
शुरुआती लक्षण: चक्कर आना, तेज सिरदर्द, बहुत ज्यादा पसीना आना या अचानक पसीना आना बंद हो जाना, और उल्टी जैसा महसूस होना।
गंभीर लक्षण: त्वचा का लाल और ड्राई होना, धड़कन तेज होना और बेहोशी छाना।
डॉक्टरों की सलाह: अगर किसी को ऐसे लक्षण दिखें, तो तुरंत उसे ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर पर गीला कपड़ा रखें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
इस मौसम में क्या खाएं और किससे बचें?
गर्मी के इस मौसम में पाचन क्रिया (Digestion) काफी कमजोर हो जाती है। इसलिए खान-पान में तुरंत बदलाव जरूरी है:
| क्या खाएं (अमृत समान) | किससे पूरी तरह बचें (जहर समान) |
| पानी से भरपूर फल: तरबूज, खरबूजा, खीरा और ककड़ी। | तला-भुना और बासी खाना: इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे फूड पॉइजनिंग होती है। |
| पारंपरिक ड्रिंक्स: छाछ (मट्ठा), पन्ना (कच्चे आम का रस), सत्तू का शरबत और नारियल पानी। | चाय, कॉफी और शराब: ये चीजें शरीर को अंदर से और ज्यादा सुखाती हैं (Dehydration बढ़ाती हैं)। |
| प्याज और पुदीना: इन्हें अपने दैनिक भोजन में सलाद या चटनी के रूप में जरूर शामिल करें। | ज्यादा प्रोटीन वाला भारी भोजन: इसे पचाने में शरीर को ज्यादा ऊर्जा लगानी पड़ती है, जिससे आंतरिक गर्मी बढ़ती है। |
'द ओरल रीहाइड्रेशन' (ORS) है सबसे बड़ा हथियार
सिर्फ सादा पानी पीना इस मौसम में काफी नहीं है। पसीने के जरिए हमारे शरीर से नमक और जरूरी मिनरल्स (इलेक्ट्रोलाइट्स) बाहर निकल जाते हैं।
दिन में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी पिएं।
पानी में थोड़ा सा नींबू, काला नमक और मिश्री मिलाकर 'होममेड इलेक्ट्रोलाइट' बनाएं।
घर से बाहर निकलते समय ओआरएस (ORS) का घोल साथ रखें।
घर से बाहर निकलते समय रखें इन बातों का ध्यान
समय का चयन: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच बहुत जरूरी न हो तो बाहर निकलने से बचें।
पहनावा: हल्के रंग के, ढीले-ढाले और सूती (Cotton) कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे।
सुरक्षा कवच: धूप का चश्मा (Sunglasses), चौड़ी टोपी (Cap) या छाते का इस्तेमाल जरूर करें। खाली पेट कभी भी बाहर न निकलें।
विशेष नोट: बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों का इस मौसम में खास ख्याल रखें। उन्हें सीधे धूप के संपर्क में आने से बचाएं। याद रखें, थोड़ी सी सावधानी आपको इस भीषण गर्मी में भी पूरी तरह फिट रख सकती है!
