इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को फिलहाल राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उसकी जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। हालांकि अदालत ने कहा कि उसे हाईकोर्ट के आदेश पर कुछ आपत्तियां हैं, लेकिन चूंकि सोनम पहले ही जेल से बाहर आ चुकी है, इसलिए इस समय उसकी जमानत रद्द नहीं की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी किया है, जिसमें हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती दी गई है। मामले की सुनवाई जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की अवकाशकालीन पीठ ने की।
जमानत आदेश पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है। आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने 4 साथियों के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या करवाई और शव को गहरी खाई में फेंक दिया। घटना के बाद वह फरार हो गई थी और बाद में उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार की गई।
टाइपिंग की गलती बना विवाद
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता की हत्या से संबंधित धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403(1) दर्ज हो गई थी। सॉलिसिटर जनरल ने इसे केवल टाइपिंग की गलती बताया। उन्होंने कहा कि पहले सोनम की जमानत मेरिट के आधार पर खारिज हो चुकी थी। बाद में इसी तकनीकी गलती को आधार बनाकर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। उनका कहना था कि केवल लिपिकीय गलती किसी आरोपी को जमानत देने का आधार नहीं बन सकती।सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा
सुनवाई के दौरान अदालत ने सोनम के वकील से पूछा कि यदि गिरफ्तारी के समय आधार नहीं बताए गए थे, तो यह मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। अदालत ने यह भी सवाल किया कि क्या केवल गलत धारा लिखे जाने के कारण जमानत देना उचित था। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि सोनम जेल से रिहा नहीं हुई होती, तो वह जमानत पर रोक लगाने पर विचार कर सकता था। अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
कैसे सामने आया था मामला
11 मई 2025 को इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे। 23 मई 2025 को दोनों लापता हो गए थे। 3 जून 2025 को मेघालय की एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ। जांच में हत्या की साजिश का खुलासा हुआ। पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच के दौरान सोनम रघुवंशी की भूमिका भी मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आई। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है।