जिले में अपराध नियंत्रण, लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे और प्रभावी पुलिसिंग को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने शुक्रवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में मासिक अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी, शाखा प्रभारी तथा प्रशिक्षणरत उप निरीक्षक उपस्थित रहे।
एसएसपी ने आगामी जिला निरीक्षण की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को अभिलेखों, व्यवस्थाओं और कार्यालयों को अद्यतन एवं सुव्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसके बाद नए अपराधों, गंभीर मामलों और लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण विवेचना और समयबद्ध निपटारे पर जोर दिया।
बाइक चोरी और वाहन अपराधों पर सख्ती
जिले में बढ़ रही बाइक चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए एसएसपी ने विशेष रणनीति के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने पुराने वाहन चोरों पर निगरानी बढ़ाने, तकनीकी संसाधनों का उपयोग करने और अवैध कबाड़ कारोबार पर सख्त कार्रवाई करने को कहा। फरार आरोपियों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चल रहे अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर अन्य जिलों और राज्यों में भी पुलिस टीम भेजी जाए। ऑपरेशन क्लीन हंट के तहत अधिक से अधिक गिरफ्तारी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। महिला संबंधी अपराधों की समीक्षा के दौरान महिला थाना की कार्यप्रणाली की सराहना की गई। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई कर समय सीमा में चालान न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
गश्त, बीट सिस्टम और माइनर एक्ट पर जोर
थाना प्रभारियों को बीट आरक्षकों से नियमित फीडबैक लेने, बाजार क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और माइनर एक्ट के तहत अधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने कहा कि सतत निगरानी से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। ऑपरेशन आघात के तहत अवैध शराब और गांजा के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए। पुलिस को नशे के कारोबार पर सख्त और निरंतर अभियान चलाने को कहा गया।
यातायात व्यवस्था सुधार पर फोकस
यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को और अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया। नए आपराधिक कानूनों के तहत रजिस्टर संधारण और तकनीकी संसाधनों के उपयोग की भी समीक्षा की गई। प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को संबोधित करते हुए एसएसपी ने कहा कि प्रभावी पुलिसिंग का आधार सक्रिय निगरानी, त्वरित कार्रवाई और जवाबदेही है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त करने और थाना स्तर की हर कार्रवाई को गंभीरता से सीखने की सलाह दी।
