मुख्य सचिव विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के सचिवों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली योजनाओं को हर हाल में पहले पूरा किया जाए और उनके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी योजनाओं की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यों की गति बनी रहे और परिणाम समय पर प्राप्त हों।
योजनाओं की प्रगति पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान ई-ऑफिस, ई-अटेंडेंस, लोक सेवा गारंटी, नियद नेल्लानार डैशबोर्ड, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति सीजी स्टेट पोर्टल, टीबी मुक्त भारत, सेवा सेतु और पीएम सूर्य घर बिजली योजना सहित कई प्रमुख योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इन सभी डिजिटल और जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने विभागों में रिक्त पदों की अद्यतन स्थिति रखने और कर्मचारी चयन मंडल के कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को भी कहा। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग से विस्तृत जानकारी ली गई।
समन्वित प्रशासनिक भागीदारी
तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश
बैठक में मुख्य सचिव ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, पोर्टल्स और डैशबोर्ड आधारित निगरानी प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि फाइलों और योजनाओं की स्थिति रियल टाइम में ट्रैक हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी आंतरिक रिपोर्टिंग प्रणाली को मजबूत करें और किसी भी स्तर पर सूचना में देरी या त्रुटि की संभावना को समाप्त करें। इससे न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, बल्कि जनता को समय पर सेवाओं का लाभ भी मिल सकेगा।
