प्रधानमंत्री Narendra Modi की “सहकार से समृद्धि” की संकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करने के उद्देश्य से केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय द्वारा नवा रायपुर में पूर्वी क्षेत्र के छह राज्यों की एक दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित की गई।
यह कार्यशाला को ग्रामीण विकास, किसानों की आय वृद्धि और सहकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। सहकारिता आधारित योजनाओं के माध्यम से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और किसान, पशुपालक व मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया गया।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
बैठक में केंद्रीय सहकारिता मंत्री Amit Shah की पहल पर संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने सहकारी संस्थाओं को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने की रणनीति पर विचार-विमर्श किया। कार्यशाला में डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) के गठन और सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया गया। देशभर में 2 लाख नई डेयरी, मत्स्य एवं बहुउद्देशीय पैक्स समितियों के गठन की दिशा में हो रही प्रगति की समीक्षा भी की गई। साथ ही विश्व की सबसे बड़ी सहकारी अनाज भंडारण योजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई।
गांव स्तर पर रोजगार और सुविधाओं का विस्तार
विशेषज्ञों ने बताया कि पैक्स समितियों को केवल ऋण वितरण तक सीमित न रखकर बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत खाद-बीज वितरण, धान खरीदी, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, डेयरी, मत्स्य पालन, वेयरहाउसिंग और ग्रामीण उद्यमिता जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को गांव स्तर पर ही बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। कार्यशाला में पैक्स समितियों के बिजनेस डायवर्सिफिकेशन यानी व्यवसायिक विस्तार पर भी सार्थक चर्चा हुई। अधिकारियों ने पैक्स समितियों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के उपायों पर गहन मंथन किया, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव Siddharth Jain, संयुक्त सचिव Raman Kumar, छत्तीसगढ़ शासन के सचिव सहकारिता Dr. C. R. Prasanna, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक Mahadev Kavre सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा नाबार्ड, भारतीय खाद्य निगम, नाफेड, वेयरहाउसिंग, डेयरी एवं मत्स्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी कार्यशाला में भाग लेकर सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव साझा किए।
