महासमुंद जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरायपाली-बसना विकासखंड में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देश पर आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने की। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा करते हुए आगामी स्वास्थ्य अभियानों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गर्भवती महिलाओं और नवजातों की बेहतर देखभाल पर जोर
बैठक में गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन, नियमित प्रसवपूर्व जांच, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की पहचान, सुरक्षित संस्थागत प्रसव, प्रसवोत्तर देखभाल और नवजात शिशुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की स्थिति का आकलन किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक पात्र महिला और बच्चे तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
एचपीवी टीकाकरण और कृमि मुक्ति अभियान की तैयारी
बैठक के दौरान विकासखंडवार एचपीवी टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए सभी पात्र किशोरियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस को सफल बनाने के लिए विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया गया। अधिकारियों को दवा वितरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर अधिक से अधिक बच्चों तक एल्बेंडाजोल की खुराक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।शिशु संरक्षण माह की तैयारियों का लिया जायजा
18 अगस्त से शुरू होने वाले शिशु संरक्षण माह की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अभियान के दौरान 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए, आयरन सिरप, नियमित टीकाकरण, वृद्धि निगरानी और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि निर्धारित लक्ष्य पूरी तरह हासिल किए जा सकें।
मौसमी बीमारियों और गैर संचारी रोगों पर भी हुई चर्चा
बैठक में राष्ट्रीय गैर संचारी रोग कार्यक्रम, एलसीडीसी सर्वे, मलेरिया नियंत्रण अभियान तथा बारिश के मौसम में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से सक्रिय सर्विलांस, समय पर जांच और उपचार, स्रोत नियंत्रण तथा जनजागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने को कहा गया।
विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव ने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, नियमित समीक्षा और मैदानी स्तर पर सतत निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों से समन्वित प्रयास करते हुए प्रत्येक गर्भवती महिला, किशोरी और बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने तथा सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा के भीतर पूरा करने का आह्वान किया।बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.पी. सिंह, जिला नोडल अधिकारी (आईडीएसपी) डॉ. छत्रपाल चंद्राकर, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू धृतलहरे, बीएमओ सरायपाली एवं बसना, डॉ. नारायण साहू, डॉ. ज्योति साहू, जिला सलाहकार (आरएमएनसीएच) संदीप चंद्राकर सहित विकासखंड के चिकित्सा अधिकारी, स्वास्थ्य पर्यवेक्षक और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।