Tuesday, 25 Aug 2026 भारत
W 𝕏 f
होम राष्ट्रीय संघर्ष ने बढ़ाई चिंता : मैतेई-कुकी के बाद अब नई ज…
मैतेई-कुकी के बाद अब नई जंग
मैतेई-कुकी के बाद अब नई जंग
राष्ट्रीय

संघर्ष ने बढ़ाई चिंता : मैतेई-कुकी के बाद अब नई जंग, मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव

मणिपुर में पिछले साल मई 2023 से जारी जातीय हिंसा के बीच अब एक नया और खतरनाक मोर्चा खुल गया है। राज्य में चल रही हिंसा अब मैतेई और कुकी समुदाय से हटकर नगा और कुकी समुदायों के बीच पहुंच गई है। इस नए टकराव का सबसे बड़ा केंद्र उखरुल इलाका बन गया है।

विशेष संवाददाता
09 Jul 2026, 12:04 PM
इंफाल

मणिपुर में मई 2023 से जारी मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा के बीच अब एक नया संघर्ष सामने आया है। राज्य में अब नगा और कुकी समुदायों के बीच तनाव तेजी से बढ़ रहा है। उखरुल जिला इस नए विवाद का सबसे संवेदनशील इलाका बन गया है। लगातार बढ़ती घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि इस साल फरवरी से शुरू हुए इस नए संघर्ष में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। 

हाल ही में असम राइफल्स के काफिले पर हुए हमले को भी इसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। इस हमले में उत्तराखंड के 2 जवान शहीद हो गए थे। गुरुवार को दोनों जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। इंफाल एयरपोर्ट पर राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भेजे गए।

असम राइफल्स पर लगे गंभीर आरोप

नगा समुदाय का आरोप है कि भारत-म्यांमार की 398 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में पर्याप्त सख्ती नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि म्यांमार की ओर से सक्रिय कुकी नेशनल आर्मी के हथियारबंद सदस्य सीमा पार कर नगा गांवों पर हमले कर रहे हैं। नगा समुदाय का यह भी आरोप है कि असम राइफल्स कुकी समुदाय के प्रति नरम रवैया अपना रही है। 10 जून को 6 अगवा नगा लोगों के क्षत-विक्षत शव मिलने और कामजोंग जिले के कई गांवों में आगजनी के बाद यह नाराजगी और बढ़ गई।

सुरक्षा बलों ने तेज किया अभियान

असम राइफल्स ने जवानों पर हुए हमले को उग्रवादी संगठनों की हताशा बताया है। सुरक्षा बलों का कहना है कि पिछले 14 दिनों में लगातार चलाए गए अभियानों से उग्रवादी समूहों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। कुछ दिन पहले थोयी और जालेनबुंग गांवों में उग्रवादियों के 2 बड़े बंकर ध्वस्त किए गए थे। वहीं 28 जून से 4 जुलाई के बीच संयुक्त अभियान में बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। 3 उग्रवादियों को भी गिरफ्तार किया गया।

पूरे इलाके में बढ़ाई गई निगरानी

हमले के बाद सेना और पुलिस ने पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। हालात पर नजर रखने के लिए कई बफर जोन बनाए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने साफ किया है कि जवानों पर हमला करने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंफाल घाटी और पहाड़ी जिलों में 113 सुरक्षा नाके भी स्थापित किए गए हैं।

क्या यह खबर उपयोगी लगी?
शेयर करें अपने दोस्तों तक पहुंचाएं
WhatsApp Telegram
हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़ें — ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
कीर्तिमान
छत्तीसगढ़
सभी छत्तीसगढ़ ›
रायपुर संभाग
दुर्ग संभाग
बिलासपुर संभाग
सरगुजा संभाग
बस्तर संभाग
देश
विदेश
सरकारी सूचना
राजनीति
खेल
मनोरंजन
कारोबार
कीर्तिमान विशेष
तकनीक शिक्षा सेहत धर्म यात्रा राशिफल डार्क/लाइट मोड डॉ. नीरज गजेंद्र
वीडियो
अभी कोई वीडियो उपलब्ध नहीं है
Clip & Share

अगली खबर के लिए ऊपर और पिछली खबर के लिए नीचे स्वाइप करें

सावधान: संवेदनशील सामग्री
इस अनुभाग में अपराध, हिंसा, दुर्घटना या अन्य संवेदनशील विषयों से संबंधित समाचार हो सकते हैं। क्या आप इसे देखना चाहते हैं?
ताज़ा खबरें सबसे पहले पाएं!
पुश नोटिफिकेशन चालू करें