मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 16 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला अब हत्या में बदल गया है। करीब तीन महीने तक चली पुलिस जांच के बाद इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार किशोरी की हत्या उसके प्रेमी ने ही की थी। आरोपी ने पहले गला घोंटकर उसकी हत्या की और फिर पहचान छिपाने के लिए शव को राजस्थान के दौसा जिले में रेलवे ट्रैक के पास बने एक गहरे टैंक में दफना दिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खुदाई कर मानव कंकाल बरामद किया है। अब डीएनए जांच के माध्यम से उसकी पहचान की औपचारिक पुष्टि की जाएगी।
अचानक लापता हो गई किशोरी
जानकारी के मुताबिक मुरैना जिले के नगरा थाना क्षेत्र में रहने वाली 16 वर्षीय किशोरी 28 मार्च को अचानक घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने पहले अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन शुरू की और कई लोगों से पूछताछ भी की, लेकिन शुरुआती जांच में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस ने किशोरी के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस का संदेह उसके प्रेमी पर गहराया।
आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश
पहले आरोपी से लगातार पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के सामने वह ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया। आखिरकार उसने पूरी वारदात स्वीकार कर ली। पुलिस के अनुसार आरोपी और किशोरी के बीच प्रेम संबंध थे। किशोरी आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थी, जबकि आरोपी किसी भी कीमत पर शादी नहीं करना चाहता था। उसे लगने लगा था कि यदि उसने शादी से इनकार किया तो मामला परिवार और समाज तक पहुंच जाएगा।
बहाने से अपने साथ राजस्थान के दौसा
वहां रेलवे ट्रैक के पास एक सुनसान इलाके में उसने पहले उसका गला घोंटा और उसकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद उसने शव को आसपास बने करीब चार फीट गहरे टैंक में दफना दिया। उसका मकसद था कि शव लंबे समय तक किसी की नजर में न आए और पुलिस भी घटना का सुराग न लगा सके। जांच अधिकारियों के मुताबिक आरोपी ने हत्या के बाद सबूत मिटाने की भी पूरी कोशिश की। उसने वारदात वाली जगह इसलिए चुनी, जहां लोगों की आवाजाही बेहद कम रहती थी।
खुदाई के दौरान मानव कंकाल बरामद
जांच शुरू कर दी गई। बरामद कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही डीएनए जांच भी कराई जा रही है। पुलिस का कहना है कि डीएनए रिपोर्ट आने के बाद यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगा कि बरामद अवशेष लापता किशोरी के ही हैं। रिपोर्ट जांच का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। पुलिस ने घटनास्थल से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जुटाए हैं। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम वैज्ञानिक तरीके से पूरे मामले की जांच कर रही है।