छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बागबाहरा से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर हास्य, कविता, लेखन और मंच संचालन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले अजय अटपटू को कीर्तिमान मीडिया द्वारा कीर्तिमान अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें साहित्य, हास्य कला, टीवी जगत में योगदान तथा देशभर में कवि सम्मेलनों के सफल संयोजन एवं संचालन के लिए प्रदान किया गया।
कीर्तिमान मीडिया के संस्थापक डॉ. नीरज गजेंद्र ने सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि अजय अटपटू उन प्रतिभाओं में शामिल हैं जिन्होंने छोटे शहर से निकलकर अपनी मेहनत, प्रतिभा और संघर्ष के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि अजय अटपटू न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के साहित्यिक मंचों पर अपनी अलग पहचान रखते हैं। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
साधारण परिवार से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
1 मार्च 1977 को जन्मे अजय अटपटू के पिता बी.डी. सोनवानी है। उनका प्रारंभिक जीवन बागबाहरा के वार्ड क्रमांक-4 स्थित पुराने थाना पारा में बीता। वर्तमान में वे मुंबई के गोरेगांव (वेस्ट) स्थित सिद्धार्थ नगर में निवास करते थे, लेकिन अपनी जन्मभूमि और छत्तीसगढ़ की संस्कृति से उनका जुड़ाव आज भी बना हुआ है।
ऐसे समय में जब छोटे शहरों से मुंबई पहुंचना और वहां अपनी पहचान बनाना बेहद कठिन माना जाता था, तब अजय अटपटू ने सीमित संसाधनों और बिना आधुनिक तकनीकी सुविधाओं के संघर्षपूर्ण सफर तय किया। उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित मंचों तक पहुंचाया।
टीवी कार्यक्रमों में बिखेरा हास्य का जादू
अजय अटपटू ने देश के कई लोकप्रिय टीवी कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने स्टार वन के चर्चित कार्यक्रम 'द ग्रेट इंडियन लॉफ्टर चैलेंज' में हिस्सा लिया। इसके अलावा जी स्माइल चैनल के 'हास्य कवि मुकाबला', लाइव इंडिया चैनल के 'वाह क्या बात है', धमाल इंडिया और दबंग चैनल के 'बहुत खूब' जैसे कार्यक्रमों में भी अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीता। सब टीवी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'वाह वाह क्या बात है' में उनकी हास्य कविताओं को खूब सराहना मिली। वहीं जी 24 घंटे चैनल के 'होली हुड़दंग' कार्यक्रम में भी उन्होंने प्रभावशाली हास्य प्रस्तुति दी।लेखन और अभिनय में भी बनाई पहचान
मंचीय प्रस्तुतियों के साथ-साथ अजय अटपटू ने अभिनय और लेखन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने जी नेक्स्ट चैनल के धारावाहिक 'सिंपली सपने' सहित बालाजी टेलीफिल्म्स के कई सीरियलों में अभिनय किया। इसके अलावा बालाजी टेलीफिल्म्स के लोकप्रिय कॉमेडी धारावाहिक 'हम पाँच' के कुछ एपिसोड का लेखन भी किया। उनके हास्य लेखन और संवाद शैली को दर्शकों तथा निर्माताओं ने काफी पसंद किया।
बशीर बद्र के सान्निध्य ने दी नई दिशा
अजय अटपटू लंबे समय तक प्रसिद्ध शायर बशीर बद्र के सान्निध्य में रहे। इस दौरान उन्हें साहित्य और शायरी की बारीकियों को नजदीक से समझने का अवसर मिला। यही नहीं, उन्हें गुलज़ार, जावेद अख्तर, निदा फाजली तथा विशाल भारद्वाज जैसी देश की प्रतिष्ठित हस्तियों से मिलने और उनके विचारों को जानने का अवसर भी मिला। इन अनुभवों ने उनके साहित्यिक व्यक्तित्व को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।
देशभर के कवि सम्मेलनों का सफल संचालन
आज अजय अटपटू देशभर में आयोजित होने वाले कवि सम्मेलनों और साहित्यिक आयोजनों के लोकप्रिय संयोजक एवं संचालक के रूप में जाने जाते हैं। वे वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों में साहित्यिक कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं। विशेष रूप से हिंदुस्तान अखबार, झारखंड के कवि सम्मेलनों का वे पिछले आठ वर्षों से सफल संयोजन और संचालन कर रहे हैं। उनकी मंच संचालन शैली और आयोजन क्षमता की साहित्यिक जगत में विशेष पहचान है।प्रतिभा और संघर्ष का सम्मान
सम्मान समारोह में डॉ. नीरज गजेंद्र ने कहा कि कीर्तिमान मीडिया का उद्देश्य उन प्रतिभाओं को सम्मानित करना है जिन्होंने अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और प्रदेश का नाम रोशन किया है। अजय अटपटू का जीवन इस बात का उदाहरण है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर हो तो छोटे शहरों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान बनाई जा सकती है।
कीर्तिमान अवार्ड के रूप में मिला यह सम्मान अजय अटपटू के लंबे संघर्ष, साहित्यिक योगदान और हास्य कला के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों का सम्मान है। यह सम्मान न केवल उनकी सफलता की कहानी को रेखांकित करता है, बल्कि छत्तीसगढ़ की उस प्रतिभा का भी गौरव है जिसने देशभर में अपनी अलग पहचान स्थापित की है।
