जिले के कोलियारी स्थित शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां पढ़ने आने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल परिसर में फैले टूटे कांच के कारण एक मासूम छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जा रहा है कि छात्र का पैर शराब की टूटी हुई बोतल पर पड़ गया, जिससे वह लहूलुहान हो गया। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
स्कूल में चल राहा था असामाजिक गतिविधियां
उनका कहना है कि लंबे समय से स्कूल परिसर में असामाजिक गतिविधियां चल रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। शाम होते ही बदल जाता है स्कूल का माहौल ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल परिसर कई वर्षों से असामाजिक तत्वों का ठिकाना बना हुआ है। दिन में जहां बच्चे पढ़ाई करते हैं, वहीं शाम ढलते ही कुछ लोग यहां शराब पीने के लिए जुटने लगते हैं। कई बार स्कूल में तोड़फोड़ और चोरी की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। शराब पीने के बाद खाली बोतलें परिसर में ही फेंक दी जाती हैं। ये बोतलें टूटकर बच्चों के लिए खतरा बन जाती हैं।
मासूम की चोट ने खोली
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल परिसर में बिखरे कांच और गंदगी को हटाने की कोई नियमित व्यवस्था नहीं है। मासूम की चोट ने खोली लापरवाही की परतें ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्कूल परिसर की निगरानी और साफ-सफाई की व्यवस्था होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। जिस स्थान पर बच्चे रोज खेलते और पढ़ने के लिए आते हैं, वहीं शराब की बोतलों का मिलना अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है। इस घटना ने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल जैसी जगह पर यदि असामाजिक तत्व खुलेआम शराबखोरी कर रहे हैं तो यह केवल एक स्कूल का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की सुरक्षा का मामला है। उन्होंने स्कूल परिसर में नियमित निगरानी, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। अभिभावकों का कहना है कि अब उन्हें अपने बच्चों को स्कूल भेजने में भी डर लगने लगा है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर भी सवाल उठाए हैं।