देश में नीट परीक्षा को लेकर मचे बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विपक्ष और शिक्षा माफियाओं पर तीखा हमला बोला है। एक मीडिया इंटरव्यू में उन्होंने विरोध कर रहे संगठनों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग लोकतंत्र में पूरी तरह खारिज हो चुके हैं, वे अब भेष बदलकर हमारे पूरे सिस्टम के पीछे पड़े हैं। शिक्षा मंत्री ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले कोचिंग सेंटर और शिक्षा माफियाओं पर सरकार की पैनी नजर है और उन्हें जल्द ही घुटने पर लाया जाएगा।
अराजकता फैलाने की कोशिश, कंप्यूटर मोड में होगी अगली परीक्षा
धर्मेंद्र प्रधान ने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि हाल ही में सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल यानी कॉपियों की दोबारा जांच वाले डिजिटल सिस्टम पर महज दो घंटे के भीतर 38 लाख साइबर हमले किए गए। साइबर हमले का मतलब होता है इंटरनेट के जरिए सरकारी वेबसाइट को हैक करने या ठप करने की चोर कोशिश। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में जानबूझकर अराजकता फैलाना चाहते हैं। व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अगले साल से नीट की परीक्षा पेन-पेपर के बजाय सीबीटी मोड यानी कंप्यूटर आधारित टेस्ट के जरिए ली जाएगी।
बच्चों के सुसाइड पर राजनीति करना कांग्रेस का निम्न स्तर
विपक्ष पर निशाना साधते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी की तरफ से सिस्टम को सुधारने के लिए एक भी सकारात्मक सुझाव नहीं आया है। परीक्षा से ठीक पहले सुसाइड करने वाले बच्चों की तस्वीरें और लिस्ट जारी करके राजनीति करना बेहद घिनौना काम है। उन्होंने राहुल गांधी की कोटा रैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि री-एग्जाम यानी दोबारा होने वाली परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले कोटा जाकर बच्चों के मन में डर पैदा करने की कोशिश की गई, ताकि परीक्षा खराब हो जाए। उन्होंने पेपर लीक में शामिल कुछ शिक्षकों को रक्षक के बजाय भक्षक बताया।अबू धाबी सेंटर विवाद पर राहुल गांधी को घेरा
विदेश के परीक्षा केंद्र को लेकर फैले विवाद पर उन्होंने स्थिति साफ की। शिक्षा मंत्री ने बताया कि एक छात्र के पिता ने खुद अबू धाबी सेंटर की मांग की थी। जैसे ही मामला सामने आया, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने कुछ ही घंटों में एक्शन लेते हुए सेंटर को बदलकर नागपुर कर दिया। एनटीए देश में बड़ी परीक्षाएं आयोजित कराने वाली मुख्य सरकारी संस्था है। उन्होंने कहा कि इस मामले के असली तथ्य सामने आने के बाद से विपक्ष के पास बोलने के लिए कुछ नहीं बचा है। सरकार अब युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए नए इनिशिएटिव यानी नई शुरुआत पर काम कर रही है।