इस पूरे विवाद के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का हल्लाबोल रविवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों से नाराज छात्र और कार्यकर्ता साफ तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं। युवाओं के गुस्से का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनकारी शनिवार की पूरी रात जंतर-मंतर की सड़कों पर ही डटे रहे।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने ग्राउंड जीरो पर साफ कर दिया है कि यह लड़ाई पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
लाखों छात्रों के भविष्य से हुआ खिलवाड़
मंच संभालते ही वांगचुक ने सरकार को आड़े हाथों लिया और दो टूक शब्दों में कहा कि नीट परीक्षा के जरिए देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ किया गया है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए वांगचुक ने एलान किया कि अगर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं
देश के 8 बड़े शहरों में आंदोलन फैलाने का मास्टरप्लान
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की उस एक टिप्पणी से हुआ जन्म
इस संगठन का जन्म सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस (CJI) की एक पुरानी टिप्पणी के बाद हुआ था। बीती 15 मई को एक अदालती सुनवाई के दौरान माननीय जज ने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में सोशल मीडिया या आरटीआई (RTI) एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर सवाल उठाते हैं। चीफ जस्टिस की इस टिप्पणी को युवाओं ने अपने सम्मान और पहचान से जोड़ लिया।