सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के शिवपुरी गांव में शिक्षा व्यवस्था की तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है। यहां स्कूल भवन का निर्माण वर्षों से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई पेड़ की छांव में कराई जा रही है। स्कूल परिसर में केवल एक कमरा मौजूद है, लेकिन बिजली और पंखों जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं होने से कक्षाओं का संचालन बाहर करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि छात्र ही नहीं, बल्कि दोनों शिक्षक भी पेड़ के नीचे बैठकर पढ़ाने का काम कर रहे हैं। गर्मी और मौसम की चुनौतियों के बावजूद शिक्षा का काम जारी है, लेकिन सुविधाओं के अभाव ने शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
10 लाख की स्वीकृति के बाद भी पूरा नहीं हुआ भवन
ग्रामीणों ने दिखाई मिसाल, घर को स्कूल बनाने की पेशकश
लावा गांव के लोगों का कहना है कि जब तक स्थायी भवन नहीं बन जाता, तब तक बच्चों को पेड़ के नीचे पढ़ाया जाए। इतना ही नहीं, कई ग्रामीणों ने अपने घरों को अस्थायी स्कूल के रूप में उपलब्ध कराने की भी पेशकश की है ताकि बच्चों की शिक्षा किसी भी हालत में न रुके।
फिलहाल इस नए स्कूल में 15 छात्र अध्ययनरत हैं। उनकी पढ़ाई सुचारू रूप से चल सके, इसके लिए दो शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। भवन की कमी के बावजूद ग्रामीणों और शिक्षा विभाग की पहल से बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास जारी है।