पटना पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो दिन में कबाड़ और कचरा बीनने का काम कर लोगों का भरोसा जीतता था, जबकि रात होते ही चोरी, लूट और डकैती जैसी वारदातों को अंजाम देता था। बिहटा में हुए चर्चित दवा व्यवसायी डकैती कांड की जांच के दौरान पुलिस ने इस गिरोह के 14 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य भोजपुर जिले के आरा स्थित रमना मैदान में अस्थायी टेंट लगाकर रहते थे। दिन के समय ये लोग अलग-अलग मोहल्लों और कॉलोनियों में कबाड़ बीनने के बहाने घूमते थे और घरों की गतिविधियों, सुरक्षा व्यवस्था तथा आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद रात में सुनियोजित तरीके से चोरी और डकैती की घटनाओं को अंजाम देकर ट्रेन के जरिए वापस लौट जाते थे।
14 आरोपियों को किया गिरफ्तार
दानापुर डीएसपी-2 अमरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने पाली हॉल्ट के पास छापेमारी कर गिरोह के 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि ये सभी आरोपी बिहार के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड से जुड़े हुए हैं। पुलिस को संदेह है कि गिरोह कई राज्यों में सक्रिय रहा है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से दो देसी कट्टे, जिंदा कारतूस, चार गुलेल और ताला व दरवाजा तोड़ने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई उपकरण बरामद किए गए हैं।
पुलिस को पूछताछ में अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद है
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बिहटा के केसरी दवा एजेंसी संचालक के घर हुई डकैती में भी इसी गिरोह की भूमिका थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार बदमाशों के खिलाफ बिहार के विभिन्न जिलों में चोरी, लूट और डकैती के कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे कई अन्य लंबित वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। पुलिस गिरोह के नेटवर्क और अन्य सहयोगियों की तलाश में भी जुटी हुई है।