प्रदेश में इन दिनों स्वच्छता को लेकर विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। गांवों और शहरों को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि तक लोगों को जागरूक करने में जुटे हैं। लेकिन रायपुर जिले के धरसीवां ग्राम पंचायत से सामने आई एक घटना ने स्वच्छता अभियान की जमीनी चुनौतियों को उजागर कर दिया है। यहां एक महिला पंच को लोगों से साफ-सफाई बनाए रखने की अपील करना महंगा पड़ गया और उन्हें महिला पंच ने मारपीट का आरोप लगाया है
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत धरसीवां के वार्ड क्रमांक-2 की आदिवासी महिला पंच मानकी नेताम अपने वार्ड में स्वच्छता को लेकर लगातार लोगों को जागरूक कर रही थीं। उन्होंने वार्डवासियों से घरों का गंदा पानी सड़कों पर नहीं बहाने और नालियों का उपयोग करने की अपील की थी। उनका कहना था कि सड़क पर गंदा पानी बहने से न केवल गंदगी फैलती है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ता है।
स्वच्छता की बात से नाराज होकर किया हमला
आरोप है कि महिला पंच की समझाइश कुछ लोगों को पसंद नहीं आई। बताया जा रहा है कि गुड्डा नामक व्यक्ति और उसके परिवार के सदस्य इस बात को लेकर भड़क गए। देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने विवाद का रूप ले लिया। आरोपियों ने महिला पंच के साथ बदतमीजी से व्यवहार किया और बाद में मारपीट की घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया और ग्रामीणों के बीच इस घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
मजदूरी के दौरान हुई घटना, मदद को पहुंचे लोग
चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच जारी
घटना की शिकायत मिलने के बाद धरसीवां पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चार लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। थाना प्रभारी राजेंद्र दीवान ने बताया कि महिला पंच की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायत धरसीवां के सरपंच साहिल खान ने घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि गांव के विकास और जनहित के कार्यों के लिए चुने जाते हैं। यदि स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर लोगों को जागरूक करने वाले पंचों के साथ ही मारपीट की जाएगी तो इससे गलत संदेश जाएगा।