छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन की आरंग ब्लॉक इकाई ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। फेडरेशन के पदाधिकारियों और शिक्षकों ने सात सूत्रीय मांगों के समर्थन में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर नाराजगी जताते हुए 15 जुलाई को रायपुर में आयोजित विधानसभा घेराव महाआंदोलन में बड़ी संख्या में शामिल होने का संकल्प लिया।
सात सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों में नाराजगी
फेडरेशन ने ज्ञापन के माध्यम से वर्षों से लंबित वेतन विसंगति को दूर करने, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार पदोन्नति में वरिष्ठता का पालन करने और प्रथम नियुक्ति तिथि से सभी सेवा लाभ देने की मांग उठाई है। इसके साथ ही विभागीय परीक्षा का समय पर आयोजन, टीईटी की समय सीमा समाप्त करने सहित अन्य मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होने से शिक्षक वर्ग में असंतोष बढ़ रहा है।
आरंग से बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचने का आह्वान
फेडरेशन के ब्लॉक अध्यक्ष धरम दास पाटिल ने कहा कि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर लंबे समय से लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि अधिकारों और मांगों के समाधान के लिए सभी शिक्षकों को एकजुट होकर महाआंदोलन में भाग लेना चाहिए। उन्होंने आरंग ब्लॉक के शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में रायपुर पहुंचकर अपनी एकजुटता दिखाने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने और आंदोलन की रणनीति बनाने के दौरान ब्लॉक अध्यक्ष धरम दास पाटिल के साथ राज मोहन श्रीवास्तव, विमल चंद सोनवानी, अर्चना शर्मा, चन्द्रशेखर साहू, उत्तम सिंह बंजारे, ईश्वर प्रसाद ग्रीतलहरे, अमित अग्रवाल, गुलाब साहू, भूषण जलछत्री, चंद्रशेखर ग्रीतलहरे, धनऊ रात्रे, चंद्रशेखर विश्वकर्मा, जीवन साहू, छोटू राम साहू, शिवकुमार खांडे, डोमन लाल डहरिया, घनश्याम घृतलहरे, तुला राम पाल, गिरजा शंकर देवांगन, विश्राम बंजारे, उदय राम साहू, राज कुमार नारंग और हुमन लाल साहू सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।