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साजापानी गांव में हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया मकान
साजापानी गांव में हाथियों द्वारा क्षतिग्रस्त किया गया मकान
जशपुर

आफत : हाथियों का तांडव, कटहल की खुशबू से साजापानी गाँव में घुसा 18 हाथियों का दल, दो मकान जमींदोज

कंसाबेल वन परिक्षेत्र स्थित साजापानी गांव में 18 हाथियों के दल ने धावा बोल दिया। हमले का कारण: माना जा रहा है कि घरों में रखे कटहल की खुशबू से आकर्षित होकर हाथी रिहायशी इलाके में दाखिल हुए।नुकसान: हाथियों ने दो ग्रामीणों के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और घर में रखा सारा अनाज खा गए।

कीर्तिमान डेस्क
प्रकाशित: 25 Jul 2026, 04:04 PM · अपडेट: 31 Oct 2026, 11:13 AM
जशपुर
AI द्वारा तैयार ~1 मिनट सारांश

मानव और वन्यजीव संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में जशपुर जिले के अंतर्गत आने वाले कंसाबेल वन परिक्षेत्र में 18 जंगली हाथियों का एक विशाल दल लगातार विचरण कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार की देर रात साजापानी गांव के रिहायशी इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हाथियों का दल अचानक गांव में आ धमका। बताया जा रहा है कि कटहल की तीखी और मीठी खुशबू से आकर्षित होकर हाथी सीधे ग्रामीणों के घरों की ओर रुख कर गए। इस दौरान हाथियों ने साजापानी में जमकर उत्पात मचाया और दो ग्रामीणों के मकानों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।

आधी रात को मची अफरा-तफरी

जानकारी के मुताबिक, देर रात जब ग्रामीण अपने-अपने घरों में सो रहे थे, तभी हाथियों के दल ने अचानक हमला बोल दिया। विशालकाय हाथियों ने कच्चे मकानों की दीवारों को ढा दिया और कमरों में रखे अनाज को चट कर गए। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में भगदड़ और चीख-पुकार का माहौल बन गया। गनीमत यह रही कि हाथियों की आहट मिलते ही ग्रामीण समझदारी दिखाते हुए समय रहते अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों पर शरण ली। इस सूझबूझ के कारण एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ग्रामीणों के घर और उसमें रखा सारा सामान पूरी तरह तबाह हो गया है।

गाँव में दहशत का माहौल

साजापानी गाँव में हुई इस तबाही के बाद से पूरे इलाके में भारी दहशत और भय का माहौल व्याप्त है। हाथियों के दोबारा लौटने की आशंका से ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं और रात के समय सतर्कता बरत रहे हैं। कई परिवार रात भर जागकर अपनी और अपने फसल-मकानों की सुरक्षा करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में फलों के सीजन के कारण हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है, जिससे उनके जीवन और आजीविका पर लगातार खतरा मंडरा रहा है।

वन विभाग अलर्ट

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तुरंत एक्शन मोड में आई और मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। वन अमला अब 18 हाथियों के इस दल के मूवमेंट पर सैटेलाइट और मैदानी ट्रैकिंग के जरिए लगातार नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही, विभाग द्वारा साजापानी सहित आसपास के तमाम सीमावर्ती गांवों में लाउडस्पीकर के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। वन अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, कटहल या पके फलों को घरों में खुले में न रखें और हाथियों से पर्याप्त व सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

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