छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मंगलवार शाम हाथियों के एक बड़े दल की सुरक्षित आवाजाही के लिए वन विभाग को कुछ समय के लिए मुख्य सड़क पर यातायात रोकना पड़ा। घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के चारमार क्षेत्र में करीब 25 हाथियों का झुंड एक जंगल से दूसरे जंगल की ओर बढ़ रहा था।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दोनों तरफ वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से बंद कर दी गई, जिससे हाथियों का दल बिना किसी बाधा के सड़क पार कर सके। वन विभाग को पहले ही सूचना मिल गई थी कि हाथियों का दल चारमार के जंगल से निकलकर सड़क के किनारे पहुंच चुका है और सड़क पार करने की तैयारी में है।
उद्यान में घुसकर कई पेड़ों को क्षतिग्रस्त कियालोगों से दूरी बनाए रखने की अपील
सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और एहतियात के तौर पर यातायात रोक दिया। इसी दौरान आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में वहां पहुंच गए और हाथियों का वीडियो बनाने लगे। मौके पर मौजूद वनकर्मियों ने ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और किसी भी तरह की छेड़छाड़ या नजदीक जाने से बचने की सलाह दी। विभाग के अनुसार, सड़क पार करने के बाद हाथियों का दल पानीखेत और पाकादरहा के जंगल की ओर आगे बढ़ गया। प्रभावित गांवों में मुनादी, जंगल जाने से बचने की सलाह घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के प्रभारी रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि इस दल में नर, मादा और शावक हाथी भी शामिल हैं।वन विभाग लगातार उनके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है। आसपास के गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया गया है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और हाथियों के क्षेत्र से दूरी बनाए रखें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
लैलूंगा में उद्यान रोपणी को भी पहुंचा नुकसान
इधर, सोमवार रात लैलूंगा वन परिक्षेत्र के कुंजारा स्थित शासकीय उद्यान रोपणी में भी 12 हाथियों का एक दल घुस गया। हाथियों ने सुरक्षा फेंसिंग को 18 स्थानों पर तोड़ दिया। परिसर में रखे 23 अरेका पाम और क्रोटन के गमले पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि पांच नारियल के पौधों को भी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा हाथियों ने कटहल के फल खाए और कई पेड़ों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।