इंडिया 'ए' और श्रीलंका 'ए' के बीच होने वाले ट्राई-सीरीज के खिताबी मुकाबले पर हर क्रिकेट प्रेमी की नजरें टिकी हैं। लेकिन इस महामुकाबले में सबसे ज्यादा चर्चा जिस एक नाम की हो रही है, वह है युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी। इस पूरी सीरीज में वैभव का बल्ला उस तरह नहीं गरजा है जिसके लिए वे जाने जाते हैं। यही वजह है कि फाइनल मैच में हर कोई उनसे एक बड़ी और मैच जिताऊ पारी की उम्मीद कर रहा है।
क्रिकेट फैंस आज भी वैभव की उस ऐतिहासिक पारी को नहीं भूले हैं, जिसने उन्हें रातोंरात ग्लोबल स्टार बना दिया था। हरारे के मैदान पर अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए उन्होंने महज 80 गेंदों में 15 चौकों और 15 छक्कों की मदद से 175 रनों की जो तूफानी पारी खेली थी, उसकी गूंज आज भी सुनाई देती है। बिहार के इस छोटे से शहर से निकले लड़के ने उस दिन साबित कर दिया था कि वे दबाव के बड़े मंचों पर डरते नहीं, बल्कि विरोधी टीम पर हावी होना जानते हैं।
दांबुला की पिचों पर परीक्षा
अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाने और फिर आईपीएल में बड़े-बड़े गेंदबाजों के पसीने छुड़ाने वाले वैभव के लिए श्रीलंका का यह दौरा अब तक थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा है। दांबुला की पिचों पर खेले गए पिछले चार मैचों में उन्होंने 14, 44, 21 और 38 रन बनाए हैं। हालांकि, इन पारियों के दौरान उनके बल्ले से कुछ गगनचुंबी शॉट्स जरूर निकले, लेकिन वह बड़ी और मैच पलटने वाली पारी अभी भी बाकी है जिसकी उम्मीद इस 15 साल के युवा खिलाड़ी से की जाती है। आईपीएल की मददगार और सपाट पिचों के मुकाबले श्रीलंका के बड़े मैदानों और स्पिन-फ्रेंडली पिचों ने वैभव को एक नया सबक सिखाया है कि यहाँ सिर्फ आक्रामकता नहीं, बल्कि हालात को भांपना और धैर्य रखना भी उतना ही जरूरी है।
इंटरनेशनल डेब्यू से ठीक पहले 'लिटमस टेस्ट'
वैभव के लिए 21 जून का यह फाइनल मुकाबला सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने तक सीमित नहीं है। यह मैच उनके करियर की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। दरअसल, इस फाइनल के तुरंत बाद वैभव को सीनियर भारतीय टीम के साथ आयरलैंड दौरे के लिए उड़ान भरनी है, जहाँ भारत को 26 और 28 जून को दो टी20 मैच खेलने हैं। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि आयरलैंड के खिलाफ सीरीज में वैभव का इंटरनेशनल डेब्यू लगभग पक्का है। ऐसे में टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनने से ठीक पहले, श्रीलंका के खिलाफ यह फाइनल मैच उनके लिए सबसे बड़ी परीक्षा की तरह है।बड़े मैचों के बड़े खिलाड़ी
वैभव सूर्यवंशी के साथ सबसे अच्छी बात यह है कि उनका रिकॉर्ड बड़े मुकाबलों में हमेशा बेमिसाल रहा है। मंच जितना बड़ा होता है, उनका खेल उतना ही निखर कर सामने आता है। अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के अलावा, उन्होंने आईपीएल 2026 के प्लेऑफ मुकाबलों में भी लगातार दो मैचों में 90 से अधिक रन कूटकर इसे साबित किया था। आयरलैंड दौरे पर जाने से पहले, श्रीलंका के खिलाफ इस खिताबी भिड़ंत में एक जोरदार पारी वैभव को न सिर्फ वापस पुराने रंग में ले आएगी, बल्कि विरोधी टीमों के लिए एक वॉर्निंग बेल भी साबित होगी। वहीं, अगर वे यहाँ जल्दी आउट होते हैं, तो निश्चित रूप से उनके शॉट सिलेक्शन और विदेशी पिचों पर उनकी तकनीक को लेकर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैभव इस फाइनल में दोबारा वही हरारे वाला गदर मचा पाते हैं या नहीं।